पक्षी प्रेमी व पर्यावरणविदों की पहल पर सहानपुर में गौरैया संरक्षण की अनूठी पहल
सहारनपुर,16 मार्च (वार्ता) शहरी क्षेत्रों में विलुप्त होने के कगार पर पहुंचा गौरैया के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सहारनपुर नगर निगम ने इसके संरक्षण की अनूठी पहल की है।
सहारनपुर नगर के प्रमुख पक्षी प्रेमी एवं पर्यावरणविद डा. वर्षा अग्रवाल, डा0 विनय सेठी, डा0 वीरेंद्र आजम, अरीमर्दन सिंह गौर,अंजु त्यागी, विकास शर्मा,जसविंद स्याल,मोहम्मद अली,प्रेम कुमार आदि के आग्रह पर नगर निगम ने गौरेया के संरक्षण की अनूठी पहल की है।आगामी 20 मार्च को “विश्व गौरैया दिवस” मनाया जायेगा। इसके पूर्व गिल कालोनी में आयोजित एक
कार्यक्रम में नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि गौरैया संरक्षण अभियान के तहत नगर निगम पार्कों में घोंसले और स्टेच्यू लगाएगा। निगम आयुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि प्रकृति जब अंसतुलन होता है तो उसका प्रभाव मानव जीवन पर भी पड़ता है और वह भी असंतुलित हो जाता है।
उन्होंने कहा कि एक पक्षी को बचाने का अर्थ है प्रकृति को बचाना और प्रकृति ईश्वर का रूप है। यदि हम एक पक्षी की सेवा करते हैं तो वह एक प्रकृति की सेवा है।
गौरतलब है कि चीं-चीं, फुदकन, चिरैया ऐसे कई नामों से आमतौर पर सभी ने बचपन में जिस गौरैया को आंगन और मुंडेर पर चहकते देखा होगा वो अब कम ही फुदकती गौरैया को फिर हमारे आंगन में आयेगी। बढ़ती आबादी के कारण बदलते ग्रामीण परिवेश और कंकरीट के जंगल के कारण गौरैया की संख्या कम हो रही है। इसी छोटे से पक्षी को बचाने के लिए 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है।
सं त्यागी
वार्ता
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें