जल संकट का समाधान तलाशना जरूरी:मोदी

 नयी दिल्ली, 22 मार्च (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल के उचित उपयोग को सरकार की प्राथमिकता बताया है और कहा है कि पानी की कमी आने वाले समय में देश के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनने वाली है, इसलिए भविष्य के इस संकट का अभी से समाधान तलाशना आवश्यक हो गया है।

श्री मोदी ने सोमवार को विश्व जल दिवस पर ‘वर्षा जल संरक्षण’ अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि सरकार ने जल से सही उपयोग को अपनी नीतियों और निर्णयों में प्राथमिकता पर रखा है। पिछले छह साल के दौरान उनकी सरकार ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उनका कहना कि सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, हर खेत को पानी, एक बूंद से ज्यादा उपज अभियान, नमामि गंगे मिशन, जल जीवन मिशन तथा अटल भूजल योजना जैसे कार्यों पर तेजी से काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि 21वीं सदी के भारत के लिए पानी की पर्याप्त उपलब्धता महत्वपूर्ण पहलू है। पानी हर घर, हर खेत की ज़रूरत तो है ही, जीवन के, अर्थव्यवस्था के हर पहलू के लिए ये बहुत ज़रूरी है। देश में आज हर क्षेत्र में तेज़ गति से विकास की बात की जा रही है लेकिन यह काम जल सुरक्षा तथा जल प्रबंधन के बिना संभव नहीं है क्योंकि हमारे विकास के सारे द्वार जल स्रोतों पर निर्भर है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “ इस बात की गंभीरता को समझकर दशकों पहले हमें इस दिशा में बहुत कुछ करने की जरूरत थी और मैं आपको गुजरात के अनुभव से कहता हूं, अगर हम योजनाबद्ध तरीके से जन भागीदारी के साथ पानी बचाने की पहल करेंगे तो हमें पानी समस्या नहीं लगेगी, पानी पैसों से भी ज्यादा कीमती ताकत के रूप में उभर करके आयेगा। ये काम बहुत पहले होना चाहिए था, लेकिन दुर्भाग्य से जितनी मात्रा में होना चाहिए, जितने व्यापक स्वरूप में होना चाहिए, जन-जन की भागीदारी से होना चाहिए, उसमें कहीं न कहीं कमी रह गई।”
उन्होंने कहा कि देश जिस गति से विकास के पथ पर बढ़ रहा है जल-संकट की चुनौती उतनी ही बढ़ती जा रही है। अगर देश ने पानी की बचत पर ध्यान नहीं दिया गया और पानी का दोहन नहीं रोका गया तो आने वाले दशकों में स्थिति बहुत ज्यादा बिगड़ जाएगी। उनका कहना था कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि आने वाली पीढ़ी को हमें पानी सुरक्षि‍त देकर के जाना चाहिए।
अभिनव.श्रवण
जारी वार्ता

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