कानपुर के आईआईटी प्रोफेसर का दावा, 20 से 25 अप्रैल के बीच अपनी पीक पर होगा संक्रमण

 कानपुर 09 अप्रैल (वार्ता) उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा कोविड संक्रमण को लेकर एक बार फिर आईआईटी कानपुर के प्रोफ़ेसर द्वारा किए गए रिसर्च ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है और उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश में आगामी 20 से 25 अप्रैल तक कोविड संक्रमण अपने पीक पर रहेगा तथा इसके बाद धीरे-धीरे संक्रमण में कमी आएगी।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के मणीन्द्र अग्रवाल कोविड संक्रमण पर लगातार रिसर्च करते चले आ रहे हैं। उन्होंने जिलेवार और राज्यवार कोविड संक्रमण को लेकर एक ग्राफ तैयार किया है। कब कहां पर कैसे संक्रमण में अपने पैर पसारे हैं इसी के तहत उन्होंने ग्राफ के जरिए बताया है।
ग्राफ के जरिए उन्होंने बताया है कि उत्तर प्रदेश में 28 मार्च से कोरोना वायरस का ग्राफ उठना शुरू हुआ है, जो कि 20 से लेकर 25 अप्रैल तक पीक पर होगा। यह 17 मई के बाद निम्नतम स्तर पर पहुंचेगा। इसी तरीके से उन्होंने बेंगलुरु का भी ग्राफ तैयार किया, जहां 26 अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल तक प्रतिदिन 8 हजार केस के साथ पीक पर पहुंचने का अनुमान लगाया है।
उन्होंने महाराष्ट्र को लेकर कहा कि 21 से 25 अप्रैल के बीच 13 हजार संक्रमित मरीज प्रतिदिन की दर से पीक हासिल करने की आशंका है।पुणे में साढ़े 11 हजार मरीज प्रतिदिन की दर से 12 से 15 अप्रैल तक पीक रहेगा।इसके साथ ही उन्होंने राज्य के हिसाब से भी ग्राफ तैयार किया है।
उत्तर प्रदेश में 21 से 25 अप्रैल तक प्रतिदिन 10 हजार संक्रमित मरीजों के हिसाब से पीक रहेगा। मध्य प्रदेश में 16 से 20 अप्रैल की अवधि के बीच प्रतिदिन 4 हजार केस के हिसाब से पीक रहेगा। इसी तरह से महाराष्ट्र में 10 से लेकर 15 अप्रैल तक प्रतिदिन 50 हजार केस के साथ पीक समय रहेगा।
श्री मणीन्द्र अग्रवाल ने एक वीडियो के माध्यम से बयान जारी कर बताया कि रिसर्च के हिसाब से 20 से 25 अप्रैल के दौरान उत्तर प्रदेश में संक्रमण सबसे ऊपर लेवल पर होना चाहिए।लेकिन 25 अप्रैल के बाद संक्रमण अपने आप कम होने लगेगा।
सं विनोद
वार्ता

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