बीमारियों की वजह मोटापा दूर करने के लिये करें योगासन

 सहारनपुर 02 अप्रैल (वार्ता) आधुनिक जीवनशैली और अनियमित खानपान के चलते देश में एक गंभीर समस्या के तौर पनप रहे मोटापे से निजात पाने के लिये योग और व्यायाम के अलावा फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ महती भूमिका निभा सकते हैं।

योगाचार्य गुलशन कुमार ने शुक्रवार को यूनीवार्ता को बताया कि आधुनिक समय में जीवन को आसान बनाने वाली सुख सुविधाओं, अप्राकृतिक खान पान, रहन सहन एवं आचार विचार के कारण व्यक्ति आज मोटापे का शिकार होते जा रहे है। मोटापा के रोगियों की बढ़ती संख्या इस बात की और संकेत करती है कि हम प्रकृति से दूर हो रहे है । हमारी जीवन शैली में नकारात्मक परिवर्तनो का प्रभाव बढ रहा है। आज हर आयु वर्ग बच्चे,युवक,महिलाएं तथा प्रौढ सभी मोटापे के शिकार देखे जा सकते हैं।
उन्होने कहा कि मोटापा शब्द केवल चर्बी के लिए प्रयुक्त किया जाता हैं। इसका सम्बन्ध हड्डियों एवं मांसपेशियों से नही है। मोटापा का अर्थ शरीर में अत्यधिक चर्बी का संचय जिससे शरीर के वजन में वृद्धि होना है। यह स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। यह जीवन काल को कम कर अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को भी जन्म देता है।
श्री कुमान ने कहा कि वजन बढना, हल्की मेहनत के बाद सांस फुलना, शरीर में कमजोरी, शरीर में दुर्गन्ध आना, अति पसीना आना, अति भूख प्यास लगना, मोटे लोग हीन भावना के कारण अलग महसूस करना, स्फूर्ति की कमी, मन उदास रहना मोटापे के लक्षण हैं जबकि मधुमेह, उच्च रक्तचाप, दिल का दौरा , स्ट्रोक, पक्षाघात, उच्च कोलेस्ट्रॉल , जोडो में दर्द , सांस लेने की समस्याएं, हर्निया, वेरिकोज वेन, स्टोन आदि मोटापे से जुडे रोग है।
यौगिक दृष्टिकोण से मोटापा राजसिक एवं तामसिक प्रवृत्ति के लोगो में अत्यधिक देखा जाता है । राजसिक प्रवृत्ति के लोग स्वभावत प्रतिस्पर्धी, क्रोधी व लोभी होते मानसिक कुण्ठा ग्रस्त होते है। अधिक चर्बी वाले भोजन का प्रयोग, अधिक मात्रा मे मीठा, भारी चिकनाई एव तला हुआ भोजन का सेवन, व्यायाम का अभाव, दवाइयों का कुप्रभाव, हारमोन की गड़बड़ी, स्त्रियों में रजो धर्म के बाद थायराइड के स्राव में असन्तुलन आदि मोटापे के प्रमुख कारक है।
उन्होने कहा कि जीवन शैली में बदलाव के लिये आजीवन प्रतिबद्धता की आवश्यकता है। मोटापे को नियंत्रण करने मे योगाभ्यास अत्यंत प्रभावकारी है यौगिक जीवन शैली व सन्तुलित आहार विहार बिना किसी विपरीत प्रभाव के शारीरिक चयापचय एवं हारमोन स्राव को सन्तुलित कर स्वास्थ्य को उत्तम बनाये रखता है।
योग गुरू ने कहा कि मोटापे की समस्या से निजात पाने के लिये पश्चिमोतान, पादहस्तासन, पादचालन, अग्निसार, भुजगासन, चक्रासन,भस्त्रिका प्राणायाम आदि करना चाहिये।
खाने में प्रातः काल नीबू पानी ले । पराठे के बजाए दो तीन तरह के फल कम से कम ‌सात सौ ग्राम तक ले । बारह बजे खीरा टमाटर बडी प्लेट मे खाए। उसके बाद आवश्यकता नुसार रोटी सब्जी चावल जो लेना चाहे वह खाये। भोजन करते समय पानी न पिये। सांय फल का रस पिये, शाम का भोजन‌ दोपहर के लिये भोजन का आधा होना चाहिये।
सं प्रदीप
वार्ता

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