शहीद सीआरपीएफ जवान के गांव में गम भरी खामोशी

 अयोध्या, 05 अप्रैल (वार्ता) छत्तीसगढ़ में बीजापुर सुकमा के सरहदी क्षेत्र में माओवादियों से हुए मुठभेड़ में शहीद केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।

जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने सोमवार को बताया कि रविवार देर रात जवान के शहीद होने की सूचना मिली थी जिसके बाद वह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय और सिटी मजिस्ट्रेट सत्यप्रकाश सिंह ने शहीद के परिजनों से मिलने गये और उन्हे ढांढ़स बंधाया। जिले के रानोपाली निवासी राजकुमार यादव सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबिल पद पर कार्यरत थे। उनका अभी कुछ दिन पहले ही असम से छत्तीसगढ़ के लिये स्थानान्तरण हुआ था।
रविवार को माओवादियों से हुई मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हुए हैं जिसमें अयोध्या जिले राजकुमार यादव भी शामिल है। बीते जनवरी माह में जवान अपनी बीमार मां का इलाज लखनऊ के अपोलो हास्पिटल में कराकर ड्यूटी पर पुन: लौटा था। शहीद राजकुमार यादव के घर पर शोक जताने वालों की बराबर भीड़ दिखाई पड़ रही है। देर शाम तक शहीद राजकुमार यादव के पार्थिव शरीर की अयोध्या पहुंचने की उम्मीद जतायी जा रही है।
शहीद जवान सीआरपीएफ के कोबरा कमांडो विंग में तैनात था। परिवार की सारी जिम्मेदारी उसी जवान पर थी। तीन भाई और दो बहनों में सबसे बड़े राजकुमार ही थे। शहीद जवान के भाई ने बताया कि दो दिन पूर्व बात हुई थी, मृतक राजकुमार यादव को दो बच्चे हैं, पहला बच्चा शिवम् हाईस्कूल की परीक्षा दे रहा है और दूसरा बच्चा हिमांशू कक्षा छह का छात्र है।
सं प्रदीप
वार्ता

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