संक्रमितों की सेवा करते चपेट में आई किरन ने सकारात्मक सोच की बदौलत कोरोना को दी मात

 गाजीपुर 20 मई (वार्ता) उत्तर प्रदेश में गाजीपुर के युसुफपुर मोहम्मदाबाद निवासी नर्सिंग ऑफिसर किरन मद्धेशिया जो लखनऊ के प्रतिष्ठित चरक हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं जो लगातार पिछले साल मार्च से ही कोविड वार्ड में संक्रमितों की सेवा में समर्पित रहती हैं।

किरन मद्देशिया ने बताया कि मैं पिछले काफी दिनों से लखनऊ के प्रतिष्ठित चरक हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर में लगातार मरीजो की सेवा करते करते करते कॅरोना पॉजिटिव हो गयी थी। मुझे शुरू में बुखार, खांसी , बदन में दर्द हुआ, उसके बाद मुझे सांस लेने भी प्रॉब्लम होने लगी।
मेरे पति प्रमोद कुमार मद्धेशिया मोहम्मदाबाद, जिला गाजीपुर उत्तर प्रदेश के रहने वाले है। चंड़ीगढ़ में कैग विभाग में ऑडिटर के पोस्ट पर कार्यरत है और सोशल मीडिया के माध्यम से देश भर में समाजसेवा का कार्य सम्पादित करते है, ऐसे विषम परिस्थितियों में जब किसी को बेड, आक्सीजन, प्लाज्मा, ब्लड की किल्लत है ये लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से लोगो की मदद करते है।
ऐसे समय मे जब मैं कॅरोना पॉजिटिव हुई तब मैं बिल्कुल अकेली थी। मगर हिम्मत नही हारी। चिकित्सकों के सलाह पर मेडिसिन के साथ साथ गर्म नीबू पानी, काढा, भांप लेना शुरू किया। मेरे पति ने मुझे बहुत हिम्मत और साथ दिया हमेशा मुझे मोटिवेट करते रहते थे। मैं लगातार कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करती रही।
14 दिन बाद मेरी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। इस दौरान मैंने महसूस किया कि संक्रमित मरीजों को नकारात्मक खबरों, अफवाहों से दूर रखकर अपने आत्मबल और मनोदशा को सकारात्मक रखने की जरूरत है। अब मैं बिल्कुल ठीक हूँ, और पुनः ड्यूटी पे तैनात होकर मरीजो की सेवा में लग गयी हूँ।
किसी को भी यदि कोई समस्या हो तो मुझे या मेरे पति को 24×7 फोन करके मदद ले सकता है। लोगों की मदद करके हमे खुशी मिलती है।
कोरोना पॉजिटिव से पुनः निगेटिव हुई किरन मद्धेशिया ने "राख नहीं चिंगारी है, यह भारत की नारी है" कहावत को चरितार्थ किया। ऐसी बेटी के जज्बे को सलाम।
सं विनोद
वार्ता

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