विहिप की पश्चिम बंगाल में हिंसा पर रोक लगाने की राष्ट्रपति से गुहार

 शिमला, 19 मई (वार्ता) विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रश्चात हुई हिंसा को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से इस पर संज्ञान लेते हुये वहां न्याय व्यवस्था स्थापित करने हेतु उचित कदम सुनिश्चत करने की मांग की है।

श्री कोविंद को लिखे एक पत्र में विहिप के हिमाचल प्रांत अध्यक्ष लेखराज राणा ने आरोप लगाया कि बंगाल में विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के साथ ही वहां पर सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) समर्थकों और जिहादियों ने जिस प्रकार हिंसा का तांडव किया है उससे पूरा देश चिंतित है। उन्होंने कहा कि चुनाव देश के लोकतंत्र का महापर्व हैं लेकिन वहां चुनावों के दौरान ही हिंसा की जिस प्रकार पटकथा लिखी गई थी वह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला पृष्ठ है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर जो धमकियां दी थीं, चुनाव परिणाम आते ही उनके समर्थकों ने उन पर काम करना शुरू कर दिया। टीएमसी समर्थकों ने जिहादियों के साथ मिलकर निर्दोष लोगों की क्रूरतापूर्ण हत्या की ,घरों और दुकानों को लूटा और जलाया, मंदिरों पर हमले किए गए, महिलाओं के साथ बर्बरतापूर्ण व्यवहार और बलात्कार कर उनकी हत्या की जिससे सम्पूर्ण बंगाल भयाक्रांत हो गया है।
श्री राणा ने कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति समाज के लोगों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है। हजारों लोग बेघर हो गए हैं और सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने के लिए विवश हो गए हैं। दुर्भाग्यवश बंगाल का प्रशासन इस पाशविक हिंसा पर या तो मूकदर्शक बना है या कहीं कहीं हिंसक तत्वों का सहायक बना हुआ भी दिखाई देता है। उनहोंने कहा कि ऐसा लगता है बंगाल में शासन व्यवस्था दंगाइयों की हाथ की कठपुतली बना हुआ है। उन्होंने दावा किया कि सुश्री बनर्जी के गत दो शासनकाल में भी वहां का हिंदू समाज त्रस्त रहा है लेकिन इस शासनकाल की शुरूआत जिस ढंग से हुई उससे पूरा देश यह समझ रहा है कि अगर इसी समय बंगाल को नियंत्रित नहीं किया गया तो आगामी पांच सालों में वहां हिंदू समाज एक अभिशप्त जीवन जीने के लिए विवश होंगे। हो सकता है कि कुछ स्थानों पर हिंदू समाज आत्मरक्षा के लिए स्वयं कुछ उपाय करने पर मजबूर हो जाएं। दोनों ही स्थितियां पूरे देश के लिए चिंता का विषय हैं।

उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया है कि वह संविधानप्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए बंगाल में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त आदेश दें जिससे बंगाल का हिंदू समाज शांतिपूर्वक जीवन यापन कर सके और बंगाल में न्याय व्यवस्था स्थापित हो सके। यह भी सुनिश्चित किया कि अपराधी तत्वों को कठोरतम दंड मिले जिससे पीड़ितों को न्याय मिल सके।
सं.रमेश
वार्ता

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