नेपाल से सटी नदियों में शव मिलने के बाद नेपाली पुरोहितों से हुई बातचीत

 बहराइच,24 मई (वार्ता) उत्तर प्रदेश की नदियों में पिछले दिनों बड़ी संख्या में शव मिलने के बाद नेपाल सीमा से सटी प्रदेश की नदियों में इसे रोकने के लिए बहराइच ज़िले की पुलिस और नेपाली सशस्त्र पुलिस तथा दोनों देशों के सीमावर्ती गांवों में कर्मकांड कराने वाले पुरोहितों के बीच बातचीत हुई ।

नेपाल सीमा से सटे बहराइच के सुजौली थाना प्रभारी ओ.पी. चौहान ने सोमवार को बताया कि प्रदेश के उन्नाव, बलिया व गाजीपुर जिलों से गुजने वाली नदियों में बड़ी संख्या में शव मिलने के बाद इस संबंध में सीमावर्ती क्षेत्र कोठियाघाट पर दोनों देशों के सीमावर्ती गांवों में कर्मकांड कराने वाले पुरोहितों के साथ पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की अनौपचारिक बातचीत हुई ।
उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान मौजूद नेपाली सशस्त्र पुलिस, नेपाली खुफिया पुलिस और पुरोहितों से अपेक्षा की गयी कि वे नेपाली गांवों में भी इस बात को लेकर जागरूकता पैदा करें कि वहां शव नदी में प्रवाहित न करे और उनका दाह संस्कार किया जाए।
इस बीच बहराइच के जिलाधिकारी शंभू कुमार ने भी अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लोगों से शवों को नदी में प्रवाहित न करने की अपील की है।
श्री चौहान ने बताया कि नदी के पार नेपाली गांवों में बसे हिन्दूओं के कुछ परिजनों की मृत्यु पर शवों के दाह संस्कार की बजाय उन्हें गेरुआ नदी में प्रवाहित करने की खबरें मिली थीं। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।
गौरतलब है कि बहराइच जिले में नेपाल सीमा से सटे सुजौली थाना क्षेत्र में बहने वाली गेरुआ और कौड़ियाला नदियों के इस तरफ भारतीय जंगल व गांव हैं तो नदी के दूसरे किनारे से थोड़ी ही दूरी पर पड़ोसी नेपाल राष्ट्र के जंगल और गांव हैं।
श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने विभिन्न जिलों के पुलिस अधिकारियों को नदी के किनारे बसे गांवों का दौरा करने और वहां रह रहे नागरिकों को अपने परिजनों के शव नदी में प्रवाहित न करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए थे।
उन्होंने बताया कि इसी क्रम में पुलिस और एसएसबी के अधिकारियों ने नेपाल सीमा पर नदी किनारे बसे भारतीय क्षेत्र के गांव भरथापुर, तेलागौढ़ी और रेतियागौढ़ी आदि गांवों तथा गिरजापुरी बैराज से सटे कुछ गांवों का दौरा कर वहां के ग्रामीणों से शवों को नदियों में बहाने की बजाय उनका विधि विधान से दाह संस्कार करने को कहा। भारतीय क्षेत्र के ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में कोरोना वायरस से हुई मौत पर मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए प्रदेश सरकार पांच हजार रुपये दे रही है।
सं त्यागी
वार्ता

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