अयोध्या में जमीन सौदे की हो निष्पक्ष जांच: देशकाचार्य
अयोध्या, 23 जून (वार्ता) श्रीपीठम् रामकोट के जगदगुरू स्वामी रघुनाथ देशकाचार्य ने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पर जमीन खरीद-फरोख्त में भ्रष्टाचार का आरोप लग रहा है। इससे कहीं न कहीं आम जनमानस में आशंका फैल रही है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिये।
अयोध्या के मानस भवन ट्रस्ट रामघाट में संत समाज की ओर से स्वामी देशकाचार्य ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में भव्य रामलला के मंदिर में जमीन खरीद-फरोख्त में जो भ्रष्टाचार श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ऊपर लगा है इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिये और जो दोषी हो उसको सजा भी मिलना चाहिये। उन्होंने कहा कि भगवान राम में आस्था रखने वाले लोग आहत हुए हैं। उनकी भावनाओं को सम्मान करना चाहिये। जल्द से जल्द समस्या का समाधान हो जिससे हम लोग शीघ्र अपने आराध्य के भव्य मंदिर में उनकी आरती कर सकें।अयोध्या संत समिति के महामंत्री महंत पवन कुमार दास शास्त्री ने कहा कि जमीन खरीद-फरोख्त मामले में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अपनी निष्पक्षता सिद्ध करे जिससे हर व्यक्ति का भ्रम दूर हो सके क्योंकि ट्रस्ट के ऊपर कलंक लगा है। उन्होंने कहा कि जमीन खरीद मामले में उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिये। भगवान श्रीरामलला का मंदिर 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद बन रहा है। इससे साधु संतों को भी नहीं बल्कि पूरे सनातन समाज को बहुत अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के ऊपर लग रहे आरोप से पदाधिकारियों को अग्नि परीक्षा देनी चाहिये।
संत समिति के महामंत्री पवन कुमार दास शास्त्री ने कहा कि अयोध्या में रामलला बालक रूप में विराजमान हैं। अभी तक उनको जमीन के खरीद फरोख्त में कोई जानकारी नहीं है लेकिन हमारा फर्ज बनता है कि सावधानी से हम उनके कार्य को करें जिससे मंदिर का निर्माण होता रहे।
उन्होंने कहा कि समाज की जनभावनाओं के अनुरूप माता सीता को त्यागना पड़ा था। इसलिए ट्रस्ट के पदाधिकारियों को चाहिये कि जन भावनाओं की कद्र करते हुए और करोड़ों सनातन धर्म को मानने वालों और मंदिर निर्माण के लिये चंदा देने वालों की भावनाओं को समझते हुए देश की सरकार इसकी निष्पक्ष तत्काल जांच कराये। उन्होंने कहा कि जो लोग आरोप लगा रहे हैं उनको पूरे प्रमाण के साथा कोर्ट में जाना चाहिये।
रघुवंश संकल्प सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष दिलीप दास त्यागी ने कहा कि आरोप गंभीर है। इसमें दूध का दूध और पानी का पानी देश के सामने अलग होना चाहिये। उन्होंने कहा कि अयोध्या के संत धर्माचार्य तो जांच की मांग कर ही रहे हैं साथ ही साथ अयोध्यावासी अब इस जांच में तत्काल करवाने की मांग कर रहे हैं। भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिये हम सभी ने सहयोग किया। यहां तक कि अपने शिष्यों से सहयोग की अपील भी की थी। आज वह सब प्रश्न पूछ रहे हैं। इस प्रश्न का उत्तर मिलना चाहिये। संत अयोध्यावासियों ने सनातन धर्म को बचाने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आगे आकर ट्रस्ट पर लग रहे आरोप को निष्पक्ष जवाब देना चाहिये।
सं प्रदीप
वार्ता

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें