विन्ध्याचल में पंड़ा व पुलिस के आपस में भिड़ने से भगदड मची
मिर्जापुर, 20 जून (वार्ता) विश्व प्रसिद्ध विन्ध्याचल धाम में आज उस समय भगदड़ की मच गया जब पंडा और पुलिस आपस में भिड़ पड़े।
सूत्रों के अनुसार मामला यजमान को दर्शन पूजन को लेकर पुलिस और पंडे आपस में भिड़बढ़ गये,जिससे वहां भगदड़ मच गई। घटना के बाद मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पंडो ने जिलाप्रशासन को भी कटधरे में खड़ा कर सवाल उठाए हैं।गंगादशहरा के पावन पर्व पर आज विन्ध्य धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी थी। तमाम प्रतिबंध के बाबजूद बेरोकटोक पंडे अपने यजमानों को गर्भगृह में ले जाकर मां के चरण स्पर्श कराते हैं। जिला प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है जबकि गर्भ गृह में देवी प्रतिमा के चरण स्पर्श पर पूर्ण प्रतिबंध लगा है।
आज मामला यजमान को दर्शन पूजन कराने ले जा रहे पंडे को पुलिस ने रोक दिया। फिर क्या था , पंडा जोश में आ गया और पुलिस से भिड़ गया। पुलिस ने पंडे की पिटाई कर दी। मामला पंडो और पुलिस के बीच था। लिहाजा पंडा लामबंद हो गए।
पंड़ों ने जिला प्रशासन और पुलिस पर अपने लोगों को दर्शन पूजन कराने के सारे नियम ताक पर रखने का आरोप लगाया। पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज दूबे ने कहा कि जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज नेताओं के लिए कोई कानून नहीं है लेकिन सब कुछ पंडों के सर फोड़ा जाता है। असल में पंडा समाज के अध्यक्ष का कथन कही भी से गलत नहीं है लेकिन पंडा पुरोहित भी दूध के धूले नहीं है। पंडो के आचरण से आम दर्शनार्थी हमेशा मर्माहत होते है। यह किसी से छिपा नहीं है और यहां पुलिस और पंडों का टकराव कोई नया नहीं है।
सं त्यागी
वार्ता
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