गंगा हमारे देश और संस्कृति की पहचान :संजय गोयल
प्रयागराज,24 जून (वार्ता) गंगा नदी हमारी संस्कृति की पहचान के साथ ही अमूल्य धरोहर भी है। जीवन दायिनी, गंगा भारत की संस्कृति, आध्यात्मिक, चिंतन, जलवायु और अर्थव्यवस्था पर अपनी अमिट छाप छोड़ती है।
प्रयागराज से गंगोत्री और गंगोत्री से प्रयागराज के लिए शुरू की गयी ‘अतुल्य गंगा’ परिक्रमा पदयात्रा के समापन कार्यक्रम के पर गुरूवार को सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में मण्डलायुक्त संजय गोयल ने कहा कि गंगा नदी हमारी संस्कृति की पहचान के साथ ही अमूल्य धरोहर है। उन्होने कहा कि अतुल्य गंगा पदयात्रा से देश में गंगा सहित सभी नदियों के लिए और पर्यावरण संरक्षण के साथ ही सहभागिता भी बढेगी। उन्होंने अतुल्य गंगा परिक्रमा से जुड़े हुए लोगो को साधुवाद और बधाई दी।16 दिसम्बर को शुरू हुई प्रयागराज से गंगोत्री के लिए और गंगोत्री से प्रयागराज के लिए अतुल्य गंगा परिक्रमा पदयात्रा 190 दिन में 5530 किलोमीटर की यात्रा पूरी करते हुए कल 23 जून को प्रयागराज में समाप्त हुई।
मण्डलायुक्त और पुलिस महानिरीक्षक के पी सिंह ने पदयात्रा पूरी करने वाले रोहित जाट एवं शगुन त्यागी को कार्यक्रम में सम्मानित किया।
मण्डलायुक्त ने कहा कि यह काम आसान नहीं था। हमें गंगा को निर्मल बनाने के लिए जिन-जिन प्रदेशों से गंगा गुजरती है, वहां के ग्राम पंचायतों के साथ ही युवाओं को गंगा को निर्मल बनाने में जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने के लिए इस अभियान के साथ जोड़े। साथ ही हमें ‘मिनी वन’ स्थापित करने चाहिए। जो संस्थायें पेड़ लगाने का कार्य कर रही है, हमें उन्हें और बढ़ावा देना चाहिए।
कर्नल मनोज केश्वर ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से इस यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
दिनेश विनोद
वार्ता
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