स्कूटर पर सवार वकील के बहस करने पर कोर्ट नाराज

 प्रयागराज 27 जून (वार्ता) इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक अधिवक्ता के अमर्यादित कृत्य की वजह से एक वादकारी को न्याय से वंचित होना पड़ा और उसके केस की सुनवाई कोर्ट ने टाल दी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस समय मुकदमों की सुनवाई वर्चुअल तरीके से चल रही है । वकीलों को लिंक स्लाट उसके केस की सुनवाई से पूर्व हाईकोर्ट से भेज दिया जाता है और वकील उस लिंक के माध्यम से कोर्ट के सामने रूबरू होकर बहस करता है।
हाईकोर्ट में समय से लिंक नही मिलने व टाइम स्लॉट न भेजने के कारण असमंजस की स्थिति भी बनी रहती है। जिससे वकीलो को शाम तक लिंक का इंतजार करना पडता है। 25 जून को इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक ऐसी घटना हुई कि कोर्ट ने उसे देखकर केस की सुनवाई से ही इन्कार कर दिया और केस की अगली डेट लगा दी। हाईकोर्ट में खुशबू के नाम से केस लगा था । वकील साहब को उस केस का लिंक भी मिला था और वह कोर्ट से अपने को कनेक्ट भी कर लिए। कोर्ट ने जब उन्हें देखा की वह स्कूटर पर सवार हो केस की बहस कर रहे हैं तो जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता व जस्टिस एस ए एच रिजवी की अदालत ने वकील के इस कृत्य को अमर्यादित कोर्ट की गरिमा के खिलाफ माना।
अप्रसन्न अदालत ने अधिवक्ता को ऐसा अमर्यादित कृत्य भविष्य में न करने की नसीहत दी और केस की सुनवाई को 12 जुलाई तक के लिए टाल दिया। वकील की इस गलती का अंततः वादकारी को खामियाजा भुगतना पड़ा और उसके केस की सुनवाई नहीं हो सकी।
कोर्ट अधिवक्ता के कृत्य से इस कारण नाराज हुई कि जब सुनवाई का वीडियो लिंक अधिवक्ता को दिया गया तो उस समय वह स्कूटर से कही जा रहे थे और स्कूटर पर ही लिंक जोड़कर बहस शुरू कर दी। जिस पर कोर्ट नाराज हुई और केस सुनने से ही इंकार कर दिया और कहा कि भविष्य मे वह सावधानी बरते।
सं प्रदीप
वार्ता

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