यूएनईएससीएपी के सर्वेक्षण में भारत का प्रदर्शन सुधरा

 नयी दिल्ली 23 जुलाई (वार्ता) भारत ने एशिया प्रशांत के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (यूएनईएससीएपी) के डिजिटल एवं टिकाऊ व्यापार सुविधा पर ताजा वैश्विक सर्वेक्षण में 90.32 प्रतिशत अंक हासिल किया है। वर्ष 2019 में यह ं। 78.49 प्रतिशत था।

भारत ने पारदर्शिता सूचकांक के लिए 100 प्रतिशत और व्यापार में महिलाओं की भागीदारी संबंधी घटक में 66 प्रतिशत स्कोर हासिल किया है।
दुनिया भर की 143 अर्थव्यवस्थाओं के मूल्यांकन के बाद 2021 के सर्वेक्षण में सभी 5 प्रमुख संकेतकों पर भारत के स्कोर में महत्वपूर्ण सुधार देखा गया है।
सर्वेक्षण में कहा गया है कि दक्षिण एवं दक्षिण पश्चिम एशिया क्षेत्र (63.12 प्रतिशत) और एशिया प्रशांत क्षेत्र (65.85 प्रतिशत) की तुलना में भारत सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला देश है। भारत का समग्र स्कोर भी फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा, नॉर्वे, फिनलैंड आदि कई ओईसीडी देशों के मुकाबले अधिक पाया गया है और उसका समग्र स्कोर यूरोपीय संघ के औसत स्कोर से अधिक है। भारत ने पारदर्शिता सूचकांक के लिए 100 प्रतिशत और व्यापार में महिलाओं की भागीदारी संबंधी घटक में 66 प्रतिशत स्कोर हासिल किया है।
सीबीआईसी सुधारों की एक श्रृंखला के माध्यम से व्यक्ति रहित, कागत रहित और संपर्क रहित सीमा शुल्क की शुरुआत करने के लिए 'तुरंत' कस्टम्स की छत्रछाया में उल्लेखनीय सुधार करने में अग्रणी रहा है। डिजिटल एवं टिकाऊ व्यापार सुविधा पर यूएनईएससीएपी रैंकिंग में सुधार के संदर्भ में इसका सीधा प्रभाव पड़ा है।
इसके अलावा, कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान सीमा शुल्क ढांचे के तहत कोविड से संबंधित आयातों जैसे ऑक्सीजन से संबंधित उपकरण, जीवन रक्षक दवाएं, टीके आदि में तेजी लाने के लिए सभी प्रयास किए। एग्जिम व्यापार के लिए सीबीआईसी की वेबसाइट पर एक समर्पित सिंगल विंडो कोविड-19 हेल्पडेस्क तैयार किया गया था ताकि आयातकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।

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