प्रवर्तन निदेशालय ने खनन ठेकों में लगी एमएलसी की दो कंपनियों का मांगा पूरा ब्यौरा
सहारनपुर, 14 जुलाई (वार्ता) सहारनपुर के बहुचर्चित खनन कारोबारी बहुजन समाज पार्टी (बसपा) एमएलसी इकबाल उर्फ बाल्ला की 111 मुखौटा कंपनियों में से दो कंपनियों का पड़ौसी राज्य हरियाणा में मिले ठेके का पूरा ब्यौरा और भुगतान संबंधी विवरण मांगा है।
विभाग सूत्रों के अनुसार यह ब्यौरा उपनिदेशक प्रवर्तन निदेशालय लखनऊ पुगालिया चंदन राजेंद्र की ओर से मांगा गया है। उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश पर सीरियस फोर्ड इन्वेस्टीगेशन आफिस ने इकबाल बाल्ला की कंपनियों की जांच की थी। उसके बाद प्रवर्तन निदेशालय लखनऊ ने इन कंपनियों की जांच की थी। जिसमें पाया गया कि काले धन को शुद्ध करने का घोटाला किया गया। वर्ष 2015 में सहारनपुर माईन्स और अपार माईंस ने हरियाणा के यमुना नगर में चार खनन ठेके नीलामी में लिए थे और नौ करोड़ रूपए जमा कराए गए थे।उन्होंने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय के सक्रिय होने पर दो ठेकों को हरियाणा सरकार ने जांच कर निरस्त कर दिया था। जांच में पाया गया कि इन कंपनियों ने ब्लैक मनी का इस्तेमाल किया है। हरियाणा सरकार ने लापरा और नंदगढ़ खनन के ठेके निरस्त कर दिए जबकि दो ठेके अभी जारी हैं।
सूत्रों के अनुसार संयुक्त निदेशक के निर्देश पर उपनिदेशक पीसी राजेंद्र ने हरियाणा के खनन विभाग के महानिदेशक को पत्र लिखकर इकबाल बाल्ला की हरियाणा में खनन ठेकों से संबंधी पूरे दस्तावेज मांगे हैं। जांच में पता चला है कि इन ठेकों में हरियाणा के इनेलो के नेता दिलबाग सिंह भी शामिल हैं।
गौरतलब है कि एसएफआईओ ने इकबाल बाल्ला की मुखौटा कंपनियों की जांच कर प्रयागराज स्थित नेशनल कंपनी ला ट्रिब्यूनल्स में मुकदमा दायर कर रखा है।
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