लखनऊ में अमित शाह ने किया फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट का शिलान्यास
लखनऊ,01 अगस्त (वार्ता) केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और वह प्रदेश के अब तक के सबसे कामयाब मुख्यमंत्री आज यहां सरोजनीनगर इलाके में करीब 50 एकड़ जमीन पर बनने वाले वाले फॉरेंसिक साइंस इंस्टिट्यूट का शिलान्यास किया।
इस मौके पर श्री शाह ने विपक्ष को आडे हाथों लेते हुए कहा कि वह फिर से करारी हार का मन बना लें क्योंकि भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) प्रचंड बहुमत से 2022 में फिर से सरकार बनाएगी।उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में जनहित के काम हुए हैं। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ प्रदेश के अब तक के सबसे कामयाब मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार के सत्ता में आने से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लोग पलायन कर रहे थे। प्रदेश में दंगे होते थे लेकिन भाजपा के चार साल के शासन के बाद राज्य में कानून का राज स्थापित हो चुका है। हमने वादा किया था कि जब उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार आएगी तो हम कानून का राज स्थापित करेंगे। प्रदेश की सरकार ने इस दिशा में सफलता प्राप्त की है।
श्री शाह ने कहा कि मुझे ठीक तरह से याद है पहले उत्तर प्रदेश में महिलाएं असुरक्षित थीं, दिनदहाड़े गोलियां चलती थीं। प्रदेश में माफियाओं का राज था। उन्होंने कहा कि आज में लखनऊ में खड़ा हूं और गर्व से कहता हूं कि योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को आगे ले जाने का काम किया। उन्होंने कहा कि श्री योगी सरकार ने प्रदेश से माफियाराज खत्म कर दिया।
उन्होंने कहा कि यूपी में जैसे ही चुनाव आते हैं नेता घर से निकल आते हैं और बयानबाजी करते हैं। ये नेता कोरोना के दौरान मुश्किलों से जूझती जनता की मदद नहीं करते। ये बाढ़ के समय नहीं दिखाई देते और किसानों की मुश्किलों में काम नहीं आते ,लेकिन चुनाव आते ही बयानबाजी में लग जाते हैं। भाजपा ने उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के साथ प्रदेश को विकास के रास्ते पर ले जाने का काम किया है।
गृहमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचारियों के दिल में योगी जी का भय है, जिसकी वजह से भ्रष्टाचार कम हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना के समय अच्छा काम हुआ है। टीकाकरण में यूपी सबसे आगे है और हर क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। हर घर में शौचालय बन गया है। योगी सरकार ने किसानों की बेहतरी के लिए बेहतर काम किया है। हमने कहा था भाजपा का शासन एक जाति के लिए नहीं, सबके लिए होगा और योगी सरकार ने हमारी सोच को साकार रूप दिया है।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल की वजह से लबे समय से मैं लखनऊ नहीं आया, लेकिन आज मुझे अपार खुशी हो रही है। मैं तिलक महाराज जी को उनकी 101वीं पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करता हूं। वर्ष 2013 से 2019 तक भाजपा संगठन के लिए मैंने उत्तर प्रदेश का बहुत भ्रमण किया है। पहले का उत्तर प्रदेश मुझे बहुत अच्छे से याद है और 2017 में भाजपा ने वादा किया था कि हम कानून व्यवस्था को मजबूत करेंगे और आज 2021 में योगी सरकार ने वो करके दिखा दिया है।
श्री अमित शाह जी ने कहा कि आज लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की पुण्यतिथि है। आजादी के आन्दोलन में लोकमान्य गंगाधर तिलक का योगदान अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उनके सिद्धान्त तथा देशभक्ति के जज्बे को आने वाली पीढ़ियां ग्रहण कर देश को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगी। लोकमान्य तिलक के उद्घोष ‘आजादी मेरा जन्म सिद्ध अधिकार मैं इसे लेकर रहूंगा’ ने अंग्रेजी शासन की नींव हिला दी। उस समय लाल, बाल, पाल की त्रयी ने पूरे भारत में एक आन्दोलन खड़ा किया, जिससे हमारे देश का स्वतंत्रता मिली।
गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश के नागरिकों में भय व्याप्त था और लोग पलायन करने को मजबूर थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में वर्तमान सरकार के गठन के बाद प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ। आज उत्तर प्रदेश देश में विकास की 44 योजनाओं में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने ने कहा कि योजना बनाना बड़ा सरल होता है, लेकिन इन योजनाओं को भूमि पर उतारना, बिचौलियों को खत्म करना और लाभार्थी को बिना कोई कष्ट व रिश्वत के योजना का लाभ मिल सके, ऐसा तंत्र बनाना बहुत कठिन होता है। लेकिन मुख्यमंत्री जी व उनकी टीम ने ऐसा करके दिखलाया है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने प्रत्येक क्षेत्र में विकास किया है। चाहे औद्योगिक निवेश हो या योजनाओं का सफल क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण हो या गरीब किसान की ऋण माफी, हर घर में शौचालय बनाना तथा घर विहीन को घर देने का कार्य उत्तर प्रदेश में किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ 47 लाख महिलाओं को निःशुल्क गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराने के साथ ही इतने घरों को निःशुल्क बिजली के कनेक्शन उपलब्ध कराने का कार्य किया गया है।
श्री शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बेहतरीन कार्य हो रहे हैं। इसी का परिणाम है कि चार वर्ष में ही 11 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था 22 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बन गयी है, जो देश में दूसरे नम्बर की अर्थव्यवस्था है। कोविड-19 की दोनों लहरों में उत्तर प्रदेश सरकार ने काफी अच्छा कार्य किया है। वैक्सीनेशन, टेस्टिंग, बेड की संख्या बढ़ाने तथा कोविड से सुरक्षा प्रदान करने में प्रदेश देश में सबसे आगे है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र व राज्य सरकार पूरी संवेदना के साथ जनहित के कार्य कर रही हैं। इस स्थान पर एक विशाल संकुल बनेगा, जिसका बीजारोपण आज हुआ है। जब यह एक वट वृक्ष बनेगा तो अनेक बच्चे यहां से अपना कैरियर बनाएंगे। अनेक बच्चे यहां पर अनुसंधान में हिस्सा लेकर न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश की कानून-व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी बनने का कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने प्रत्येक क्षेत्र में विकास किया है। चाहे औद्योगिक निवेश हो या योजनाओं का सफल क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण हो या गरीब किसान की ऋण माफी, हर घर में शौचालय बनाना तथा घर विहीन को घर देने का कार्य उत्तर प्रदेश में किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक करोड़ 47 लाख महिलाओं को निःशुल्क गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराने के साथ ही इतने घरों को निःशुल्क बिजली के कनेक्शन उपलब्ध कराने का कार्य किया गया है।
श्री शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बेहतरीन कार्य हो रहे हैं। इसी का परिणाम है कि चार वर्ष में ही 11 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था 22 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बन गयी है, जो देश में दूसरे नम्बर की अर्थव्यवस्था है। कोविड-19 की दोनों लहरों में उत्तर प्रदेश सरकार ने काफी अच्छा कार्य किया है। वैक्सीनेशन, टेस्टिंग, बेड की संख्या बढ़ाने तथा कोविड से सुरक्षा प्रदान करने में प्रदेश देश में सबसे आगे है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र व राज्य सरकार पूरी संवेदना के साथ जनहित के कार्य कर रही हैं। इस स्थान पर एक विशाल संकुल बनेगा, जिसका बीजारोपण आज हुआ है। जब यह एक वट वृक्ष बनेगा तो अनेक बच्चे यहां से अपना कैरियर बनाएंगे। अनेक बच्चे यहां पर अनुसंधान में हिस्सा लेकर न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश की कानून-व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी बनने का कार्य करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक को बढ़ावा देकर ही अपराधों को रोका जा सकता है। इस दिशा यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस संस्थान की स्थापना का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को बनाये रखने, अपराध को रोकने तथा आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए उत्कृष्ट वैज्ञानिकों की एक नई श्रृंखला तैयार करना है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश नये सम्बल प्रदान करने के लिए आगे आया है, जिसकी शुरुआत आज इस इंस्टीट्यूट के शिलान्यास से प्रारम्भ हो रही है।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री जी को स्मृति चिन्ह भेंट किया। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री तथा मुख्यमंत्री जी ने संस्थान के शिलान्यास के अवसर पर वृक्षारोपण भी किया।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल ने सभी का स्वागत सम्बोधन किया तथा अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम के दौरान इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज की ओर से अपर मुख्य सचिव गृह एवं नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, गांधीनगर, गुजरात की ओर से कुलपति डॉ0 जे एम व्यास द्वारा एम ओ यू दस्तावेज का आदान-प्रदान किया गया।
गौरतलब है कि इस इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज का मुख्य उद्देश्य फॉरेंसिक के क्षेत्र में प्रशिक्षित जनशक्ति का एक पूल बनाना,न्यायपालिका और पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करना,अपराध की विवेचना में आवश्यक उन्नत प्रौद्योगिकियों में विशेषज्ञता उत्पन्न करना है।
इंस्टीट्यूट में कुल 08 अनुभाग एवं 14 प्रयोगशालाएं होंगी। भौतिकी अनुभाग में आग्नेयास्त्र, फॉरेंसिक ध्वनिकी और प्रलेख प्रयोगशाला होगी। रसायन अनुभाग के तहत विस्फोटक और विष विज्ञान प्रयोगशाला तथा जीव विज्ञान अनुभाग में जीवन विज्ञान, सीरम विज्ञान एवं डीएनए प्रयोगशाला होगी। कम्प्यूटर साइंस अनुभाग में डेटा एनालिसिस, साइबर सुरक्षा और साइबर फॉरेंसिक लैब का निर्माण होगा। व्यवहार विज्ञान अनुभाग के तहत लाई डिटेक्शन, नारको एनालिसिस एवं ब्रेन मैपिंग प्रयोगशाला प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त, अपराध विज्ञान, कानून व्यवस्था, पुलिस विज्ञान और प्रशासन अनुभाग भी होंगे।
इस इंस्टीट्यूट में बीएससी, एमएससी फॉरेंसिक साइंस विद स्पेशलाइजेशन, एमफिल, पीएचडी, पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च तथा पीजी डिप्लोमा इन फॉरेंसिक साइंस, एडवांस स्पेशलाइजेशन एण्ड टेलर मेड पीजी डिप्लोमा एवं विभिन्न सर्टिफिकेट कोर्स का संचालन प्रस्तावित है, जिसमें 500 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करेंगे।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं डॉ0 दिनेश शर्मा, महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती स्वाती सिंह, विधान परिषद सदस्य स्वतंत्र देव सिंह, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एमएसएमई नवनीत सहगल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री जी को स्मृति चिन्ह भेंट किया। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री तथा मुख्यमंत्री जी ने संस्थान के शिलान्यास के अवसर पर वृक्षारोपण भी किया।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक मुकुल गोयल ने सभी का स्वागत सम्बोधन किया तथा अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम के दौरान इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज की ओर से अपर मुख्य सचिव गृह एवं नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, गांधीनगर, गुजरात की ओर से कुलपति डॉ0 जे एम व्यास द्वारा एम ओ यू दस्तावेज का आदान-प्रदान किया गया।
गौरतलब है कि इस इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज का मुख्य उद्देश्य फॉरेंसिक के क्षेत्र में प्रशिक्षित जनशक्ति का एक पूल बनाना,न्यायपालिका और पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करना,अपराध की विवेचना में आवश्यक उन्नत प्रौद्योगिकियों में विशेषज्ञता उत्पन्न करना है।
इंस्टीट्यूट में कुल 08 अनुभाग एवं 14 प्रयोगशालाएं होंगी। भौतिकी अनुभाग में आग्नेयास्त्र, फॉरेंसिक ध्वनिकी और प्रलेख प्रयोगशाला होगी। रसायन अनुभाग के तहत विस्फोटक और विष विज्ञान प्रयोगशाला तथा जीव विज्ञान अनुभाग में जीवन विज्ञान, सीरम विज्ञान एवं डीएनए प्रयोगशाला होगी। कम्प्यूटर साइंस अनुभाग में डेटा एनालिसिस, साइबर सुरक्षा और साइबर फॉरेंसिक लैब का निर्माण होगा। व्यवहार विज्ञान अनुभाग के तहत लाई डिटेक्शन, नारको एनालिसिस एवं ब्रेन मैपिंग प्रयोगशाला प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त, अपराध विज्ञान, कानून व्यवस्था, पुलिस विज्ञान और प्रशासन अनुभाग भी होंगे।
इस इंस्टीट्यूट में बीएससी, एमएससी फॉरेंसिक साइंस विद स्पेशलाइजेशन, एमफिल, पीएचडी, पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च तथा पीजी डिप्लोमा इन फॉरेंसिक साइंस, एडवांस स्पेशलाइजेशन एण्ड टेलर मेड पीजी डिप्लोमा एवं विभिन्न सर्टिफिकेट कोर्स का संचालन प्रस्तावित है, जिसमें 500 छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करेंगे।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं डॉ0 दिनेश शर्मा, महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती स्वाती सिंह, विधान परिषद सदस्य स्वतंत्र देव सिंह, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एमएसएमई नवनीत सहगल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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