प्रधानमंत्री ने की नयी राष्ट्रीय वाहन स्क्रेपिंग नीति लांच, कहा - ‘कचरे से कंचन’ बनाने के अभियान को मिलेगी गति
नयी दिल्ली/गांधीनगर 13 अगस्त (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज नयी राष्ट्रीय वाहन स्क्रेपिंग नीति लांच करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए मोबिलिटी यानी आवागमन एक बेहद महत्वपूर्ण पहलू है और उसमें आधुनिकता से न केवल यात्रा और परिवहन क्षेत्र का बोझ कम होगा बल्कि आर्थिक विकास भी तेज होगा।
उन्होंने कहा कि 21 वीं सदी में स्वच्छ, दबाव मुक्त और सुविधाजनक आवागमन समय की मांग है। गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में शुक्रवार को वॉलंटरी व्हीकल फ्लीट मॉडर्नाइजेशन (वी-वीएमपी) प्रोग्राम के अंतर्गत पहली स्टेट इन्वेस्टर समिट में वर्चुअल माध्यम से उपस्थित श्री मोदी ने देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ से पहले आज के इस कार्यक्रम को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम करार देते हुए कहा कि नयी स्क्रैपेज नीति से ‘कचरे से कंचन’ बनाने के अभियान को गति मिलेगी। इस नीति से प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने में भी उपयोगी साबित होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस नीति से देश की मोबिलिटी और ऑटो सेक्टर को नयी पहचान मिलेगी। वाहनों के आधुनिकीकरण और अनुपयुक्त वाहनों को वैज्ञानिक तरीके से सड़कों से हटाने में भी यह पॉलिसी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यही नहीं, देश के प्रत्येक नागरिक, इंडस्ट्री सेक्टर और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
श्री मोदी ने कहा कि इसे घोषित करने का आज का यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहे हैं। इसलिए ही अगले 25 वर्ष हमारे लिए काफी अहम हैं। आने वाले इन वर्षों में हमारे कार्य करने के तरीकों, रोजगार और कारोबार में अनेक परिवर्तन आएंगे। नयी टेक्नोलॉजी में बदलाव के साथ ही देश के नागरिकों की जीवन शैली और अर्थव्यवस्था में भी अनेक बदलाव आए हैं। इसके बावजूद पर्यावरण, जमीन और कच्चे माल की सुरक्षा यानी उसका विवेकपूर्ण इस्तेमाल होना बेहद जरूरी है। भविष्य में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर तो काम होगा, लेकिन धरती से मिलने वाले खनिज नहीं होंगे या जो खनिज अभी उपलब्ध हैं, वे भी कम हो जाएंगे। इसके लिए अभी डीप-ओशन मिशन के माध्यम से नई संभावनाएं तलाशी जा रही हैं, तो दूसरी ओर सर्कुलर अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन की समस्या पूरी दुनिया के सामने मुंह बाए खड़ी है। इसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में अहम कार्य हो रहा है। विशेषकर सौर एवं पवन ऊर्जा और जैव ईंधन के क्षेत्र में भारत का स्थान महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अपना पुराना वाहन स्क्रैप में देने वाले को इस पॉलिसी के तहत एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा। जिनके पास यह सर्टिफिकेट होगा उन्हें नए वाहन की खरीदी के दौरान रजिस्ट्रेशन के लिए कोई पैसा नहीं देना होगा। इसके साथ ही उन्हें रोड टैक्स में भी छूट दी जाएगी। इसके अलावा, नए वाहन की रखरखाव लागत, मरम्मत और ईंधन दक्षता में भी फायदा होगा। इसका तीसरा और महत्वपूर्ण फायदा सीधे तौर पर मानव जीवन से जुड़ा हुआ है। पुरानी टेक्नोलॉजी वाले वाहन स्क्रैप में जाने से सड़क दुर्घटनाओं में राहत मिलेगी। नए वाहनों से प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आने के कारण यह नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित होगी। इसके अलावा, इसके अंतर्गत वाहनों वाहनों के फिटनेस को केवल उसकी उम्र के आधार पर नहीं बल्कि संपूर्ण वैज्ञानिक तरीके से जांचा जाएगा।
उन्होंने भावननगर के अलंग शिप ब्रेकिंग यार्ड का उल्लेख करते हुए कहा कि आज अलंग शिप रिसाइक्लिंग का वैश्विक केंद्र बना है और विश्व में इस क्षेत्र में अलंग की हिस्सेदारी बढ़ रही है। इससे रोजगार के नए हजारों अवसर पैदा हुए हैं। और अब जहाजों के बाद वाहनों के स्क्रैपिंग का भी हब बनेगा। इसके चलते, इस दिशा में नई ऊर्जा मिलेगी और इस व्यवसाय से जुड़े कामगारों के जीवन में अनेक सुधार आएंगे। उन्हें भी संगठित क्षेत्र के अन्य कामगारों की तरह कई तरह के लाभ मिलने लगेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गत वर्ष देश में 23 हजार करोड़ रुपए का स्टील स्क्रैप आयात करना पड़ा था क्योंकि भारत में मिलने वाला स्टील स्क्रैप उपयोगी नहीं होता। कीमती धातुओं की रिसाइक्लिंग नहीं हो सकती, लेकिन वैज्ञानिक तरीकों की मदद से रेयर अर्थ मेटल यानी दुर्लभ मृदा धातुओं की भी रिसाइक्लिंग संभव हो सकेगी। देश में ही पर्याप्त स्क्रैप मिलने के कारण आयात पर निर्भरता कम होगी जिसका फायदा होगा और आगामी 25 वर्ष में आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में नयी तेजी आएगी।

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