दोतरफा कम्यूनिकेशन प्लटेफार्म ऐक्सिस माई इंडिया को लॉन्च करने की तैयारी
नयी दिल्ली, 19 अगस्त (वार्ता) विभिन्न संस्कृतियों, धर्मों और सामाजिक-आर्थिक वर्ग वाले भारत में कहीं एक सा (होमोजीनस) तो कहीं उससे बिल्कुल उलट (हेट्रोजीनस) माहौल है जहां जरूरतें और पसंद लगातार बदल रही हैं। ऐसे समाज में प्रगति का आधार बन सकने वाली मूल बात है सूचना। ऐसी सूचना जो व्यैक्तिक है और किसी को बेहतर जीवन जीने में सहायता कर सकती है। इस सोच के साथ, भारत की प्रमुख कंज्यूमर डाटा इंटेलीजेंस कंपनी, ऐक्सिस माई इंडिया ने अपने मिशन हिमालया- ऊंची उड़ान रोडमैप पहल के साथ 25 करोड़ भारतीय परिवारों को सशक्त बनाने की अपनी योजना की घोषणा की है।
इस पहल के तहत कंपनी भारत के पहले टू-वे कम्यूनिकेशन एंड फैसिलिटेशन प्लैटफॉर्म को लॉन्च करने वाली है। इस मंच का दोहरा मकसद है जो मेट्रो शहरों, छोटे नगरों और दूर-दराज के गांवों के बीच के अंतर कम करेगा। इसके लिए सबको एकीकृत मंच मुहैया करवाया जाएगा ताकि आवश्यक सूचना इकट्ठी की जा सके और अपनी शिकायत उठाई जा सके। इसके तहत नागरिक संबंधित हितधारकों, सरकारी अधिकारियों और कॉरपोरेट / ब्रांड से जुड़ सकते हैं जो उनकी बात सुनकर इन मामलों को निपटा सकते हैं।कंपनी के अध्यक्ष एपं प्रबंध निदेशक प्रदीप गुप्ता ने यहां कहा कि यह प्लेटफॉर्म सूचना को एनैबल करने वाला होगा जहां नीति निर्माताओं, सरकार और कॉरपोरेट द्वारा कई क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री प्रकाशित की जा सकती है। इससे भिन्न योजनाओं और उत्पादों को लेकर जागरूकता फैलाने का काम हो सकता है और यह सीधे उपयोगकर्ता के लिए होगा और इसकी पहुंच का लक्ष्य पहले जो कुछ भी देखा गया है, के मुकाबले बहुत ज्यादा है। इसलिए, कई नागरिक जो सूचना की विषमता के कारण कई लाभ योजनाओं के बारे में नहीं जानते थे अब सूचना के दम पर उसका लाभ हासिल कर पाएंगे या उसतक पहुंच सकेंगे।
इस प्लेटफॉर्म पर 13 भिन्न भाषाओं में डाटा इनपुट करने की सुविधा मिलेगी जो एपलीकेशन, टेक्स्ट, ऑडियो, वीडियो, ई मेल और यहां तक कि कागज-कलम का भी उपयोग किया जा सकेगा। यह प्लेटफॉर्म स्मार्टफोन के उपयोगकर्ताओं तक सीमित नहीं है। इसलिए हर तरह के प्रारूप में डिलीवरी स्वीकार की जाएगी। इसके बाद इस डाटा को सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट द्वारा ऐक्सेस किया जाएगा। जहां इसे भिन्न वर्गों में बांटा जाएगा, छांटा जाएगा और विश्लेषण किया जाएगा। यह सब एआई / एमएल के उपयोग से किया जाएगा और फिर निपटारे के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा जाएगा। डाटाबेस विश्लेषण का भी उपयोग किया जाएगा ताकि लक्षित सामग्री, परसेप्शन प्रोफाइल और लॉयल्टी मॉड्यूल्स तैयार किए जा सकें। इसके बाद इनका उपयोग क्यूरेटेड अनुभव तैयार करने के लिए किया जाएगा।
इस मंच का एक और महत्वपूर्ण उद्देश्य छोटे शहरों और गांवों में रोजगार की मांग और आपूर्ति प्रवाह को बढ़ावा देना है। इसके लिए राजमिस्त्री, बढ़ई, ठेकेदार और ऐसे अन्य स्वरोजगार वाले पेशेवरों की सूची बनाई जाएगी। यह सब एक केंद्रीय रिपोजिटरी में रहेगा और फिर उन्हें उनके लायक काम जो उनके कौशल पर केंद्रित हो, की सूचना दी जाएगी।
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