ऊर्जा बचत प्रमाण पत्रों की ऑनलाइन ट्रेडिंग प्रणाली विकसित

 नयी दिल्ली 22 अगस्त(वार्ता) पेरिस समझौते के तहत कार्बन उत्सर्जन कम करने वाली औद्योगिक इकाइयाें को मिलने वाले ऊर्जा बचत प्रमाण पत्रों की ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए सरकार ने एक ऑनलाइन प्रणाली विकसित की है।

विद्युत मंत्रालय ने 349 औद्योगिक इकाइयों को 57 लाख से अधिक ऊर्जा बचत प्रमाण पत्र एक साथ जारी किए हैं। इन उद्योगों ने लक्ष्य से अधिक ऊर्जा की बचत की है। ये इकाइयां एक महीने के बाद पावर एक्सचेंज पोर्टल के माध्यम से उन इकाइयों को प्रमाण पत्रों की बिक्री करने में सक्षम होंगी जो अपने लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर सके।
मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार भारत एकमात्र जी -20 देश है जो पेरिस समझौते के अनुसार 2 डिग्री से कम तापमान में वृद्धि की राह पर है। इस्पात, सीमेंट, रिफाइनरी, उर्वरक और अन्य क्षेत्रों के बड़े उद्योगों ने इस दिशा में बेहतर प्रयास किये हैं।
विद्युत मंत्रालय ने प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों की ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए कई पहल की हैं। इसका उद्देश्य जीवाश्म ईंधन, कोयला, तेल और गैस की खपत को कम करना है जिससे कार्बन अर्थव्यवस्था कम हो सके। यह न केवल भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाएगा बल्कि पेरिस समझौते के अनुसार जलवायु लक्ष्यों की दिशा में भी योगदान देगा।
प्रदर्शन, उपलब्धि और व्यापार (पीएटी) के रूप में जानी जाने वाली प्रमुख पहलों में से एक को चरण-दो (2016-19 के दौरान) के अंतर्गत 11 क्षेत्रों के 621 बड़े उद्योगों को शामिल करते हुए लागू किया गया था। इस पहल का संचालन करने वाले ऊर्जा दक्षता ब्यूरो ने इन उद्योगों द्वारा प्राप्त ऊर्जा बचत का सत्यापन पूरा किया, जिन्हें नामित उपभोक्ता (डीसी) कहा जाता है।

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