शाह,योगी ने शक्तिपीठ विन्ध्याचल में विन्ध्यवासिनी देवी के दर्शन कर की पूजा अर्चना

 मिर्जापुर,01 अगस्त (वार्ता) केन्द्रीय गृहमंत्री अमीत शाह ने आज विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ विन्ध्याचल में मां विन्ध्यवासिनी देवी के दर्शन कर पूजन किया,उनके साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी थे।

श्री शाह ने मां विन्ध्यवासिनी के धाम में पुन: उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने का आशीर्वाद मांगा और शक्तिपीठ से आगामी विधानसभा चुनावों का शंखनाद भी किया।

गृहमंत्री ने मंदिर परिसर में विन्ध्य कोरिडोर का भूमि पूजन कर शिलान्यास के बाद मां काली के धाम में 16 करोड़ रुपये की लागत से बने पूर्वाचल के पहले रोपवे को जनता को समर्पित किया। इस मौके पर मां विन्ध्यवासिनी देवी के मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया था।

गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने पूरे विधि-विधान के साथ मां की अभ्यर्थना की। सारे धार्मिक कार्यक्रमों को स्थानीय भाजपा विधायक और धाम के पुरोहित रत्नाकर मिश्र और काशी से आये पुरोहितों की टीम ने सम्पन्न कराया। उनके यहां आने से पहले पूजन की सारी तैयारियाँ पूरी कर ली गयी थी।

इस दौरान मंदिर को करीब चार घंटे पहले से ही खाली करा लिया गया था। अमितशाह के पूजन आदि के समय केवल चुनिन्दा लोगों को ही प्रवेश दिया गया था। हालांकि उनका गंगा दर्शन का भी कार्यक्रम था। पर उन्होंने गंगा दर्शन नहीं किया।

अपनी गलियों के लिए देश में जाने जानी शक्तिपीठ बिन्ध्याचल को कोरिडोर बना कर नया रूप दिया जा रहा है। जिस पर करीब 500 करोड़ रुपए का प्राविधान किया गया है। मां विन्ध्यवासिनी देवी के मंदिर के चारों ओर पचास फीट चौड़ा परिक्रमा पथ के साथ मंदिर आने वाली सभी चारो गलियों को तोड़कर चालीस फीट चौड़ी सड़क बनायी जा रही है। साथ ही साथ मेला क्षेत्र में दर्शनार्थियों के लिए मौलिक सुविधाओं का काम होना है। जिले के लोग इस कार्य से अति प्रफुल्लित है।

गौरतलब है कि 150 करोड़ की विंध्याचल कॉरिडोर परियोजना का भूमि पूजन के बाद इसका निर्माण कार्य शुरु हो जायेगा। मंडलायुक्त श्रा के अनुसार, 150 करोड़ रुपए की विंध्याचल कॉरिडोर परियोजना का निर्माण कार्य भूमि पूजन के तुरंत बाद शुरू किया जाएगा, क्योंकि विंध्याचल मंदिर के आसपास के चिन्हित 92 भवनों को उनकी खरीद के बाद ही हटाया जा चुका है। इस परियोजना के परिणामस्वरूप 50 फीट चौड़ी परिक्रमा (परिक्रमा) मार्ग के लिए जगह का निर्माण होगा, जबकि आगंतुकों को पवित्र मंदिर का पूरा दृश्य मिलेगा, जिसे शक्तिपीठों में से एक के रूप में जाना जाता है। इस परियोजना के तहत मंदिर की ओर जाने वाली सड़कों को भी चौड़ा किया जा रहा है। बुनियादी ढांचे में सुधार और पार्किंग जोन, गेस्ट हाउस, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, तीर्थयात्रियों के लिए रिटायरिंग रूम सहित आधुनिक सुविधाएं शुरू करने का भी प्रस्ताव है।

श्री शाह और योगी आदित्यनाथ भी विंध्याचल के पवित्र त्रिकोण (त्रिकोण) की अष्टभुजा और काली खोह पहाड़ियों पर घूमने वाले हजारों तीर्थयात्रियों के लिए पूर्वी यूपी के पहले रोपवे का उद्घाटन किया। यूपी पर्यटन संयुक्त निदेशक (वाराणसी) अविनाश मिश्रा ने कहा, “16 करोड़ रुपए की रोपवे परियोजना के तहत, काली खोह और अष्टभुजा को जोड़ने वाली 199 मीटर की पहली लाइन रोपवे और अन्य 102 मीटर की दूसरी लाइन, जो अष्टभुजा पहाड़ी से टर्मिनल (पाकिर्ंग स्थल) तक आगंतुकों को ले जाएगी बन गया है। सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर शुरू किया जा रहा है, यह परियोजना आगंतुकों को 260 मीटर से अधिक की ऊंचाई से दो पहाड़ियों के बीच वन क्षेत्र की सुंदरता का आनंद लेने में सक्षम बनाएगी.”।

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