17 प्रतिशत तक बढ़ेगा इंजीनियरिंग एवं कैपिटल गुड्स कंपनियों का राजस्व
नयी दिल्ली 09 सितंबर (वार्ता) सरकार का बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर, इसके लिए बजटीय आवंटन और अर्थव्यवस्था के धीरे-धीरे पटरी पर लौटने की बदौलत चालू वित्त वर्ष में इंजीनियरिंग और कैपिटल गुड्स कंपनियों के राजस्व में 15 से 17 प्रतिशत तक की वृद्धि होने का अनुमान है।
शोध सलाह देने वाली कंपनी क्रिसिल रेटिंग ने गुरुवार को जारी रिपोर्ट में बताया कि सरकार बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर, इसके लिए बजटीय आवंटन और अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने की बदौलत चालू वित्त वर्ष में इंजीनियरिंग और कैपिटल गुड्स कंपनियों के राजस्व में 15 से 17 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। ऑपरेटिंग मार्जिन में 50 आधार अंकों (बीपीएस) का सुधार होगा। वहीं, कच्चे माल की कीमतों में भी कोई खास वृद्धि नहीं हुई है।क्रिसिल रेटिंग के वरिष्ठ निदेशक अनुज सेठी ने कहा, “वित्त वर्ष 2021-22 में इंजीनियरिंग और कैपिटल गुड्स कंपनियों के पास 2.3 लाख करोड़ रुपये के ऑर्डर हैं, जो इसके पिछले वित्त वर्ष के राजस्व का 1.7 गुना है। वर्तमान में इन कंपनियों के लिए उद्योग, बुनियादी ढांचा, रेलवे, निर्माण और खनन उपकरण जैसे क्षेत्रों से ऑर्डर बढ़ रहे हैं जबकि बिजली और भारी इलेक्ट्रिकल क्षेत्रों के ऑर्डर सुस्त बने हुए हैं। इसके साथ ही बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बजट आवंटल में 26 प्रतिशत की वृद्धि से इंजीनियरिंग एवं कैपिटल गुड्स कंपनियाें के ऑर्डर और बढ़ेंगे।”
श्री सेठी ने कहा कि सरकार के बुनियादी ढांचे के विकास की प्रतिबद्धता को लेकर सीमेंट, स्टील और अलौह धातु क्षेत्र के उत्पादकों ने पहले से ही बढ़े हुए पूंजीगत व्यय की घोषणा की हुई है, जो इंजीनियरिंग और कैपिटल गुड्स कंपनियों की राजस्व वृद्धि में मददगार साबित होगा। इसके अलावा कोरोना की दूसरी लहर की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन का इन क्षेत्रों पर आंशिक असर रहने से ऑपरेटिंग मार्जिन भी 50 आधार अंक बढ़कर 10 प्रतिशत हो गया, जिससे भी इन कंपनियों के राजस्व को बल मिलेगा।
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