बाढ़ प्रभावित न भूखा रहेगा और न बेघर होगा: योगी

 गोरखपुर 04 सितम्बर (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि बाढ़ से प्रभावित कोई भी व्यक्ति न तो भूखा सोएगा और न ही कोई बेघर रहेगा।

श्री योगी ने गोरखपुर में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। उन्होने कहा कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में सरकार और प्रशासन पूरी संवेदनशीलता से युद्ध स्तर पर बचाव एवं राहत कार्य में लगा है। बाढ़ से प्रभावित कोई भी व्यक्ति न तो भूखा सोएगा और न ही कोई बेघर रहेगा। इस संबंध में प्रशासन के स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कराई जा रही है। न केवल बाढ़ बल्कि इसके बाद भी नागरिकों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए कार्ययोजना बना ली गई है।


उन्हाेने कहा “ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का जीवन हमारे लिए अमूल्य है। हम आश्वस्त करते हैं कि आपदा के इस समय मे सरकार पूरी तत्परता व प्रतिबद्धता से आपके से खड़ी है।” उन्होने अधिकारियों से कहा कि किसी को तनिक भी परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने झंगहा,खजनी,सहजनवा और लालडिग्गी में बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की और राहत सामग्री का वितरण किया।

श्री योगी ने कहा कि नेपाल में भारी बारिश से पूर्वांचल के करीब 15 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। गोरखपुर में करीब 304 गांवों की 26 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। यहां 405 नाव और 50 स्टीमर लगाए गए हैं। बाढ़ चौकियों व कंट्रोल रूम के जरिये बाढ़ पर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले 50 सालों में नदियों का जलस्तर बढ़ने की इतनी खतरनाक स्थिति कभी नहीं हुई। हमने 1991 व 1998 की स्थिति को भी देखा है। बचाव के लिए समय पूर्व किए गए प्रभावी इंतजामों से जन व धन हानि को रोकने का पूरा प्रयास किया गया। इसमें कामयाबी भी मिली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए एनडीआरएफए एसडीआरएफ व पीएसी की फ्लड यूनिट को पहले से ही सक्रिय कर दिया गया था। पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था के साथ राहत सामग्री का पर्याप्त इंतज़ाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि कोई भी खुद को असहाय न समझे और राज्य सरकार इसी दिशा में कार्य कर रही है।

श्री योगी ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न वितरण कराया जा रहा है। हर राशन सामग्री किट में 10.10 किलो चावल और आलू के अलावा दो किलो अरहर दाल,रिफाइंड तेल,नमक,हल्दी,मिर्च मसाले के पैकेट, लाई ,चना,गुड़,मोमबत्ती,माचिस आदि के साथ ही छाता व बरसाती भी दी जा रही है। तीन दिन के भीतर सभी पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन घरों में बाढ़ या बारिश का पानी घुस गया है। उन परिवारों के भोजन के लिए कम्युनिटी किचेन की व्यवस्था की जा रही है। पशुओं का भी सरकार को खयाल है। प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं को भूसे.चारे का संकट न हो, इसके लिए भी प्रशासन को निर्देशित किया गया है।
उन्होंने कहा कि कहा कि बाढ़ के समय सांप व अन्य जहरीले जंतुओं तथा कुत्तों के द्वारा काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में एंटी रेबीज वैक्सिन व एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध रहे। बीमारियों की आशंका को देखते हुए ऐसे क्षेत्रों में ओआरएस के पैकेट बांटने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों को इन बीमारियों से होने वाले डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके। साथ ही पेयजल को शुद्ध रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग को क्लोरीन टैबलेट बांटने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी की मृत्यु अत्यंत दुखदाई होती है। फिर भी आपदा में किसी की मृत्यु होने पर संबंधित के परिवार को चार लाख रुपये तत्काल आर्थिक सहायता देने का निर्देश प्रशासन को दिया गया है। सांप या अन्य हिंसक.जहरीले जानवर के हमले में मृत्यु पर भी यह मदद दी जाएगी।
बाढ़ से बचाव के लिए अकेले चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र में 18 करोड़ रुपये की परियोजनाएं दी गईं जो पूर्ण या पूर्णता की ओर हैं। सदर तहसील के बाल विहार लाल डिग्गी में मौजूद 250 लोगों में से 10 लोगों को मुख्यमंत्री ने स्वयं बाढ़ आपदा प्रभावित व्यक्तियों एवं महिलाओं को राहत सामग्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों बांटा गया अन्य लोगों को जिला प्रशासन के द्वारा बाढ़ राहत सामग्री बांटा गया।

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