पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का पद से इस्तीफा
चंडीगढ़, 18 सितम्बर(वार्ता) एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के तहत पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
पार्टी विधायक दल की यहां पांच बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में होने वाली आपात बैठक से पूर्व ही अमरिंदर ने यहां राजभवन में राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित से सायं लगभग 4.35 बजे मुलाकात की और उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा और इसके साथ ही राज्य विधानसभा चुनावों से लगभग पांच माह पूर्व उनके मुख्यमंत्रित्वकाल का अंत हो गया। इसके बाद उनके पार्टी विधायक दल की बैठक में भाग लेने की सम्भावनाओं पर सवालिया निशान लग गया है। अमरिंदर का इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस के लिये एक बड़ा झटका है। वह प्रदेश में कांग्रेस का एक बड़ा चेहरा माने जाते हैं।राज्यपाल से मुलाकात के बाद उन्होंने राजभवन गेट के बाहर मीडिया को सम्बोधित करते हुये मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की पुष्टि की।
कैप्टन सिंह ने कहा कि उन्होंने सुबह ही पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात की थी और उन्हाेंने उन्हें बता दिया था कि वह पद से इस्तीफा देने जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह केवल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे रहे हैं लेकिन कांग्रेस में बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि गत दो माह में तीसरी बार विधायक दल की बैठक हो रही है। दो बार यह दिल्ली में और अब चंडीगढ़ में बुलाई गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पार्टी हाईकमान को उनकी कार्यक्षमता पर संदेह है। उन्होंने कहा कि वह इस घटनाक्रम से वह अपमानित हुये हैं। अब यह हाईकमान पर निर्भर है कि वह जिसे चाहे मुख्यमंत्री बनाए।
उन्होंने कहा कि वह पार्टी हाईकमान के उनके पद से हटाने से फैसले को स्वीकार करते हैं। भावी रणनीति को लेकर उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में ही रहेंगे तथा उनके साथ लम्बे अर्से से रहे समर्थक विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत के बाद ही इस बारे में फैसला लेंगे।
इधर, अमरिंदर और उनके अनेक मंत्रियों के इस्तीफा देने के बाद अब पार्टी विधायक दल की बैठक में नये नेता के चुनाव को लेकर चर्चा होगी। बताया जाता है कि पार्टी विधायक दल की बैठक में इसके नये नेता के चयन काे लेकर फैसला हाईकमान पर छोड़ने का प्रस्ताव भी पारित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि वह पार्टी हाईकमान के उनके पद से हटाने से फैसले को स्वीकार करते हैं। भावी रणनीति को लेकर उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में ही रहेंगे तथा उनके साथ लम्बे अर्से से रहे समर्थक विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत के बाद ही इस बारे में फैसला लेंगे।
इधर, अमरिंदर और उनके अनेक मंत्रियों के इस्तीफा देने के बाद अब पार्टी विधायक दल की बैठक में नये नेता के चुनाव को लेकर चर्चा होगी। बताया जाता है कि पार्टी विधायक दल की बैठक में इसके नये नेता के चयन काे लेकर फैसला हाईकमान पर छोड़ने का प्रस्ताव भी पारित किया जा सकता है।
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