यूपी में कोरोना का कोई नया व‍ेरिएंट नहीं

 लखनऊ, 09 सितंबर (वार्ता) उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद और आगरा समेत कुछ अन्य जिलों में डेंगू और वायरल के प्रकोप के बीच स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि जिन जिलों में मामले सामने आए हैं उनकी पड़ताल से पता चला है कि यह कोरोना का कोई नया व‍ेरिएंट नहीं है बल्कि यह सभी जलजनित बीमारियां हैं। बदलते मौसम से इनका प्रकोप बढ़ रहा है।

स्‍वास्थ्य विभाग की ओर से गुरूवार को जारी आंकड़ों में कहा गया है कि प्रदेश में डेंगू, चिकनगुनिया और काला अजार के मामले नियंत्रण में हैं। प्रदेश के 58 जिलों से अब तक डेंगू के 1374 मरीजों की पुष्टि हुई है। वहीं पिछले 24 घंटों में 129 मामले सामने आए हैं।
बदलते मौसम के चलते प्रदेश में संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रदेश सरकार ने चिकित्‍सीय सुविधाओं और साफ-सफाई को लेकर अर्लट पहले ही जारी किया है। सरकार जल जनित रोगों पर अंकुश लगाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
सीएम योगी ने गुरुवार को एक बैठक में सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे डेंगू और जलजनित बीमारियों के मामलों को देखते हुए चिकित्सा सुविधाओं और साफ-सफाई का ध्यान रखें। इस बैठक में सीएम ने आला अधिकारियों से कहा कि डेंगू व अन्य वायरल बीमारियों के से बचाव के लिए प्रदेशव्यापी सर्विलांस कार्यक्रम को तेजी से चलाया जाए। प्रदेश में बुखार व संक्रमण के अन्य लक्षणों के मरीजों की पहचान प्राथमिकता पर की जाए। विशेषज्ञ टीम के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उपचार की समस्त व्यवस्था करते हुए इन बीमारियों की रोकथाम के लिए टीमों द्वारा दवाइयां तेजी से वितरित की जाएं। इसके साथ ही चिकित्‍सीय सुविधाओं जैसे बेड, दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता को सुनिश्चित करते हुए फिरोजाबाद, आगरा, कानपुर, मथुरा जैसे प्रभावित जनपदों की स्थिति पर पैनी नजर रखी जाए।
रिर्पोट के अनुसार प्रदेश में चिकनगुनिया के 24 मरीजों की पुष्टि हुई। इसके साथ ही काला अजार के 37 मरीजों की पुष्टि हुई है। प्रदेश में डेंगू के मरीजों की पुष्टि होने पर 03 दिनों के अंदर रोकथाम की कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही डेंगू रोगियों की पुष्टि होने पर उस घर व आस-पास के 50 घरों में पाइरिथ्रम का छिड़काव कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने शहरी एवं ग्रामीण निकायों को क्षेत्र में साफ सफाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही सर्विलांस को और बेहतर करने के साथ ही 07 से 16 सितंबर तक प्रदेशव्यापी सर्विलांस कार्यक्रम आयोजित होंगे। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित और कोविड के लक्षण वाले लोगों की पहचान करेंगे।
स्वच्छता-सैनीटाइजेशन का वृहद अभियान 05 सितंबर से शुरू किया गया है। जिसके तहत सभी जिलों के नामित नोडल अधिकारी इस कार्य पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आशाबहू, संगिनी, आंगनबाड़ी समेत स्वास्थ्यकर्मियों के जरिए प्रदेशव्यापी सर्विलांस कार्यक्रम किया जा रहा है। ये स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित और कोविड के लक्षण वाले लोगों को चिन्हित कर रहे हैं। इसके साथ ही 45 वर्ष से अधिक आयु के जिन लोगों ने अब तक कोविड वैक्सीन की एक भी डोज नहीं ली है उनकी सूची भी तैयार कर रहे हैं।

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