गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना को मिली मंजूरी

 लख्रनऊ 02 सितम्बर (वार्ता) उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) और रिक्वेस्ट फार क्वालिफिकेशन (आरएफक्यू ) दस्तावेजों को मंजूरी दे दी गयी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरूवार को हुयी मंत्रिमंडल की बैठक में 36 हजार 230 करोड़ रूपये लागत वाली गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिये आएफपी और आरएफक्यू को सर्वसम्मति से मंजूरी प्रदान कर दी गयी।
राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने पत्रकारों को बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना को राज्य सरकार ने 26 नवम्बर 2020 को मंजूर किया था। यह देश का सबसे लंबा एक्सप्रेस होगा। मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना की निविदा प्रक्रिया को दो माह के भीतर पूरा कर लिया जाये। परियोजना के लिये अब तक 92.2 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। सिक्स लेन के एक्सप्रेसवे पर एक एयर स्ट्रिप का भी निर्माण किया जायेगा।
उन्होने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे की नोडल एजेंसी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) होगी। मेरठ से प्रयागराज के बीच 594 किमी लंबा एक्सप्रेसवे हापुड़,बुलंदशहर,अमरोहा,संभल,बदायूं,शाहजहांपुर,हरदोई, उन्नाव,रायबरेली से होकर गुजरेगा।
कैबिनेट ने गंगा एक्सप्रेसवे के लिये पुनर्वास परियोजना बल (आरपीएफ) और विनियमित योग्यता ढांचा (आरक्यूएफ) को भी हरी झंडी दे दी। मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर की गयी 36 हजार 230 करोड़ की इस परियोजना में 22 हजार 125 रूपये सिविल और निर्माण कार्यो में खर्च किये जायेंगे जबकि 9225 करोड़ रूपये भूमि खरीद में खर्च होंगे। सिक्स लेन के एक्सप्रेस वे को भविष्य में आठ लेन में विस्तारित किया जा सकता है। एक्सप्रेसवे का निर्माण चार पैकेजों में होगा। हर पैकेज की लागत 5000 से 5800 करोड़ रूपये के बीच होगी।
श्री सिंह ने बताया कि एक्सप्रेस का निर्माण डीबीएफओटी यानी विकास,निर्माण,वित्त,संचालन और स्थानांतरण के माडल पर किया जायेगा। एक्सप्रेस वे पर वाहनो की अधिकतम रफ्तार 120 किमी प्रति घंटा निर्धारित की जायेगी। एक्सप्रेस वे पर निर्मित एयर स्ट्रिप का इस्तेमाल आपातकाल में लड़ाकू विमानो की लैंडिंग के लिये किया जायेगा।
उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेस वे पर शुरुआती दौर में नौ स्थानों पर औद्योगिक क्लस्टर्स बनाने के लिये मार्किंग करने के निर्देश दिये हैं। इसके साथ ही सरकार ने 16 जिलों में नये मेडिकल कालेज बनाये जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। साथ ही ललितपुर में नया हवाई अड्डा और हवाईपट्टी बनाये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मंत्रिमंडल ने दी है। नये हवाई अड्डे में छोटे विमान उतर सकेंगे।

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