छुट्टी की परवाह और भय को दरकिनार कर बीमारी भगाने में जुटे स्वास्थ्यकर्मी

 

गोरखपुर, (रामकृष्ण पट्टू) बाढ़ प्रभावित  क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करने में  लोग समर्पित भाव से जुटे हुए हैं । जिले की आशा-एएनएम से लेकर सीएमओ तक नाव के सहारे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर लोगों की मदद कर रहे हैं । बीमारियों के लक्षण पूछ कर दवाएं दी जा रही हैं । स्वास्थ्य कर्मियों को न तो साप्ताहिक छुट्टी की परवाह है और न ही ऐसे क्षेत्रों में जाने का भय है । बाढ़ग्रस्त इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं नाव की मदद से पहुंचाई जा रही हैं ।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधाकर पांडेय प्रतिदिन विभागीय  व्हाट्सएप ग्रुप में एक संदेश साझा करते हैं कि वह किस इलाके में जाएंगे और साथ ही बाकी चिकित्सा अधिकारियों को प्रेरित करते हैं कि मेडिकल टीम को भेजने के अलावा खुद भी क्षेत्र में जाएं । इसके बाद वह बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के दौरे पर निकल पड़ते हैं । सीएमओ दर्जनभर से ज्यादा बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा कर चुके हैं। उनका कहना है कि जब टीम लीडर खुद क्षेत्र में निकलेंगे तो समुदाय की बेहतर मदद की जा सकेगी ।

खोराबार की एएनएम निशिकांत चौधरी रोजाना नाव से ग्रामीणों को दवा पहुंचाने जाती हैं । उनका कहना है कि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश और स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी श्वेता पांडेय के दिशा-निर्देशों के अनुसार वह अपने क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों में दवा पहुंचा चुकी हैं। बंधे से नाव मिल जाती है और उसी नाव के सहारे वह घर-घर पहुंचती हैं। क्लोरिन टेबलेट, बच्चों की दवा, ओआरएस पैकेट , बुखार की दवा लोगों को आवश्यकतानुसार चिकित्सक की मदद से दी जाती है ।

चरगांवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार वैश्य और उनकी टीम करीब 18 से अधिक बाढ़ प्वाइंट का आवश्यकतानुसार कई बार दौरा कर चुकी है । उनके साथ राजेश चौधरी, ज्ञान प्रकाश, पूनम चौहान, मधु वर्मा और भोला बिना किसी अवकाश के लगातार 11 अगस्त से बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में ड्यूटी कर रहे हैं । इन इलाकों में ज्यादातर मरीज बुखार व त्वचा रोग (दाद-खाज खुजली) के मिलते हैं । पूरी टीम कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए लोगों की मदद कर रही है । घर लौटने पर  सभी लोग पहले स्नान करते हैं ताकि किसी प्रकार का इंफेक्शन न हो ।

जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी के.एन. बरनवाल का कहना है कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के दौरे में सीएमओ केवल एक प्रशासनिक अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि चिकित्सक की तरह भी लोगों की मदद करते हैं । जहां कहीं भी हड्डी की समस्या वाले मरीज मिलते हैं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी उनकी जांच करते हैं और उचित परामर्श भी देते हैं । जिले के कई प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में नाव से लोगों की मदद कर रहे हैं ।



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