प्रधानमंत्री का है सपना ,हर गरीब का हो घर अपना : योगी

लखनऊ,01 सितम्बर (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गरीबों के सबसे बड़े हितैषी हैं जो वंचितों, शोषितों व गरीबों की समस्याओं का निरन्तर समाधान करने के लिए तत्पर रहते हैं और उनका सपना है कि हर गरीब का अपना घर हो।

श्री योगी ने कहा कि गरीबों को आवास मुहैय्या कराने के दृष्टिगत ही उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की संकल्पना की और इसे एक अप्रैल, 2016 से लागू किया। भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारम्भ 20 नवम्बर, 2016 को प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा प्रदेश के आगरा जिले से किया था।


मुख्यमंत्री ने यह विचार आज यहां अपने सरकारी आवास पर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 6637.72 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 5.51 लाख आवासों के लाभार्थियों के गृह प्रवेश/चाभी वितरण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये।

इस मौके पर उन्होंने लाभार्थियों को वर्चुअल माध्यम से चाभियां वितरित कीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गरीबों को खुश देखना चाहते हैं। श्री मोदी का सपना है कि हर गरीब का घर हो अपना। इस योजना के तहत अब तक बड़ी संख्या में प्रदेश के गरीबों को आवास उपलब्ध कराये गये हैं।

श्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी/ग्रामीण) तथा मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत पिछले चार वर्षाेें में लगभग 42 लाख आवास स्वीकृत किये गये। जबकि इसके सापेक्ष पूर्व के 30 वर्षाें में कुल 53 लाख आवास बने। इससे पता चलता है कि पूर्व की सरकारों ने गरीबाें की आवासीय समस्याओं के समाधान पर पूरा ध्यान नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इस योजना से गरीबों, किसानों, महिलाओं, वंचितों, दलितों, अल्पसंख्यकों तथा अन्य वर्गाें को जोड़ा और लाभान्वित किया। आज प्रधानमंत्री जी के विकास के एजेण्डे का लाभ गरीबों को बिना भेदभाव के मिल रहा है। उन्होंने आज लाभान्वित हुए सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उन सबको प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भरता के विजन का लाभ मिल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)/मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को अन्य लाभार्थीपरक योजनाओं जैसे उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना,आयुष्मान भारत, राशन कार्ड, शौचालय निर्माण,निराश्रित महिला पेंशन योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना इत्यादि का भी लाभ दिया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खीरी जिले के विकासखण्ड गोला के तहत ग्राम लन्दनपुर ग्रण्ट में विकसित किये गये बाबा गोकर्णनाथ ग्रामीण आवासीय परिसर की कार्य योजना के प्रस्तुतीकरण का अवलोकन किया। उन्होंने इस प्रयास के लिए खीरी के मुख्य विकास अधिकारी तथा उनकी टीम की सराहना करते हुए प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के लिए हाउसिंग क्लस्टर के विकास के लिए इस मॉडल को अपनाने के लिए कहा। इस मॉडल के तहत आवास निर्माण के साथ-साथ पार्क, रोड, बिजली, पानी, मवेशियों के लिए शेड, इत्यादि की व्यवस्था की गयी है।
श्री योगी ने इस मॉडल में बायोगैस प्लाण्ट स्थापित करने के साथ-साथ पार्क में जिम स्थापित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे ‘खेलो इण्डिया’ योजना को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने इस हाउसिंग क्लस्टर में निवास करने वाली महिलाओं को स्वयं सहायता समूह गठित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी कहा। उन्होंने जनपद झांसी के बालिनी दुग्ध संघ के मॉडल को अपनाकर महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आजीविका मिशन के माध्यम से महिलाओं के स्वयं सहायता समूह गठित कर 52 लाख महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अनाज वितरण में अनियमितता के सम्बन्ध में शिकायतें मिलने पर वितरण का दायित्व महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को दिया जा रहा है, जिसका वे भली-भांति निर्वाह कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के अनेक महिला स्वयं सहायता समूह ‘ओडीओपी’ योजना से जुड़कर अच्छा कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उनके पोषाहार की व्यवस्था आजीविका मिशन से जुड़ी कर्मी कर रही हैं।
श्री योगी ने कहा कि पूर्व में आवास योजनाओं का लाभ आधा-अधूरा मिलता था। लाभार्थियों को धनराशि उपलब्ध कराने मेें भी भ्रष्टाचार होता था, लेकिन प्रधानमंत्री ने गरीब जनता के जनधन खाते खुलवाकर इन खातों में डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि अन्तरित करवाकर भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। आज लाभार्थियों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश में ग्राम स्वराज को साकार करने के लिए निरन्तर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गरीबों, वंचितों, शोषितों,महिलाओं,अल्पसंख्यकों तथा अन्य वर्गाें को केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान श्री योगी ने मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के 05 लाभार्थियों अयोध्या की श्रीमती प्रेमा, रायबरेली की श्रीमती अंशू देवी, वाराणसी की श्रीमती मीरा देवी, कुशीनगर की श्रीमती संगीता देवी तथा सोनभद्र जिले कर श्री बरई को आवास की प्रतीकात्मक चाभी वितरित की।
मुख्यमंत्री ने अन्य जिलो से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े इस योजना के लाभार्थियों से संवाद भी किया। इनमें अयोध्या की श्रीमती कुमकुम, वाराणसी की श्रीमती कमला देवी, बहराइच की श्रीमती हाजरा तथा प्रतापगढ़ की श्रीमती सुशीला शामिल थीं। उन्होंने लखीमपुर खीरी के हाउसिंग क्लस्टर लन्दनपुर ग्रण्ट की लाभार्थियों श्रीमती प्रेमवती तथा श्रीमती सरला से भी संवाद किया।
गौरतलब है कि लगभग 70 प्रतिशत आवासों का मालिकाना हक महिलाओं को दिया गया है।
श्री योगी ने इन सभी लाभार्थियों को अपना पक्का आवास मिलने पर बधाई देते हुए उनसे अन्य योजनाओं जैसे-उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना, आयुष्मान भारत, राशन कार्ड इत्यादि से मिलने वाले लाभ के विषय में भी जानकारी प्राप्त की। इन लाभार्थियों ने उन्हें अवगत कराया कि उन्हें सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है। उन्हें आवास प्राप्त करने में किसी दिक्कत अथवा भ्रष्टाचार का सामना नहीं करना पड़ा है।
कार्यक्रम को ग्राम्य विकास एवं समग्र ग्राम विकास मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह (मोती सिंह), ग्राम्य विकास एवं समग्र ग्राम विकास राज्यमंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल तथा अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एवं सूचना संजय प्रसाद, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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