अमेरिका में इस बार मोदी का कोई सामुदायिक कार्यक्रम नहीं
नयी दिल्ली 20 सितंबर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस सप्ताह हो रही अमेरिका यात्रा में पहली बार किसी भी सार्वजनिक या सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग नहीं लेंगे और केवल सरकारी बैठकों एवं मुलाकातों में शिरकत करेंगे।
सूत्रों के अनुसार इस बार श्री मोदी की अमेरिका यात्रा में कोविड महामारी के कारण इस बार सामुदायिक मुलाकात सहित कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं रखा गया है क्योंकि अमेरिका में कोविड महामारी का प्रकोप अब भी बना हुआ है। इस बारे में एक सवाल पर सूत्रों ने कहा कि सामुदायिक या सार्वजनिक कार्यक्रमों के बारे में इस बार कोविड के कारण किसी भी पक्ष से कोई अनुरोध नहीं किया गया है।सूत्रों ने बताया कि श्री मोदी भारतीय समयानुसार 22 सितंबर को सुबह अमेरिका के लिए रवाना होंगे और 23 सितंबर की सुबह (स्थानीय समय के अनुसार 22 सितंबर की देर शाम को) वाशिंगटन पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रम 23 सितंबर को होंगे। उस दिन वह ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन और जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। उसी दिन वह शीर्ष अमेरिकी एवं वैश्विक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) के साथ बैठक करेंगे।
सूत्रों ने बताया कि श्री मोदी अगले दिन 24 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति के मुख्यालय व्हाइट हाउस में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री, जापान के प्रधानमंत्री और अमेरिका के राष्ट्रपति जोसेफ आर. बिडेन के साथ चतुष्कोणीय (क्वाड) फ्रेमवर्क के प्रथम शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार क्वाड शिखर बैठक में 12 मार्च को वर्चुअल प्रकार से हुई क्वाड शिखर बैठक के बाद प्रगति की समीक्षा की जाएगी और समान हितों के क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन अफगानिस्तान, हिन्द प्रशांत क्षेत्र, कोविड महामारी तथा जलवायु परिवर्तन के मुद्दो पर केन्द्रित होगा। इस सम्मेलन में कोविड महामारी को नियंत्रित करने के प्रयासों और क्वाड टीकाकरण पहल की समीक्षा की जाएगी। क्वाड नेता स्वतंत्र, मुक्त एवं समावेशी हिन्द प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए अपने समान दृष्टिकोण पर विचार मंथन करेंगे। इसके अलावा महत्वपूर्ण एवं नयी उभरती प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी एवं अवसंरचना, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, मानवीय सहायता, आपदा राहत, जलवायु परिवर्तन एवं शिक्षा जैसे समसामयिक वैश्विक मुद्दों पर विचार विमर्श किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक क्वाड शिखर सम्मेलन के पहले अथवा बाद में श्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति श्री बिडेन की पहली द्विपक्षीय बैठक भी होने की संभावना है। हालांकि क्वाड शिखर सम्मेलन एवं मोदी-बिडेन द्विपक्षीय बैठक का ठीक ठीक समय अभी घोषित नहीं हुआ है।
अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के तौर तरीकों को लेकर श्री बिडेन अपने देश में तीखी आलोचना के शिकार हैं और भारतवंशी समुदाय एवं भारत से हमदर्दी रखने वाले वर्ग में माना जा रहा है कि बिडेन प्रशासन ने भारत के भरोसे को तोड़ा है। इससे श्री बिडेन पर घरेलू राजनीतिक दबाव है।
सूत्रों के अनुसार 24 सितंबर को देर शाम तक श्री मोदी न्यूयॉर्क पहुंच जाएंगे और रात्रि विश्राम के बाद 25 सितंबर की पूर्वाह्न संयुक्त संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें अधिवेशन को संबोधित करेंगे। हालांकि इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र महासभा में आम चर्चा की थीम “कोविड महामारी से उबरने की आशा के साथ एक लचीले प्रतिरोध का निर्माण, सतत पुनर्निर्माण, पृथ्वी की जरूरतों का ख्याल रखना, लोगों के अधिकारों का सम्मान करना और संयुक्त राष्ट्र को पुनर्जीवित करना” है। लेकिन अफगानिस्तान में तालिबान के शासन आने के बाद विश्व में आतंकवाद के खतरे का मुद्दा ही छाये रहने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान 24 सितंबर की अपराह्न संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना भाषण देंगे।
सूत्रों ने बताया कि श्री मोदी 25 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के बाद कुछ विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक कर सकते हैं। बंगलादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी इस दौरान न्यूयॉर्क में रहेंगी। उनकी श्री मोदी से द्विपक्षीय मुलाकात हाेने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इस दौरान संयुक्त राष्ट्र में ही रहेंगे।
श्री मोदी 25 सितंबर को दोपहर बाद या शाम को स्वदेश रवाना होंगे और 27 सितंबर की सुबह नयी दिल्ली लौट आएंगे।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें