उप्र में करीब डेढ़ साल बाद नन्हें-मुन्नों से गुलजार हुए प्राइमरी स्कूल

 लखनऊ, 01 सितम्बर (वार्ता) उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के चलते पिछले करीब डेढ़ साल से बंद कक्षा एक से पांच तक के सभी स्कूल खुल गये।

बेसिक शिक्षा विभाग से यहां मिली जानकारी के अनुसार लखनऊ समेत प्रदेश भर के कक्षा एक से पांच तक के सभी सरकार और निजी स्कूल कोरोना गाईगलाइन का पालन करते हुए बुधवार को खुल गये । हांलाकि पहले दिन बच्चों की संख्या कम रही ।
शामली से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिले में कोरोना के मामले शून्य होने के बाद शासन के निर्देश पर बुधवार से कक्षा 1 से 5 तक के सभी सरकारी व निजी स्कूल खुल गए। स्कूलों को कोरोना प्रोटोकाल का पालन करने के भी कड़े दिशा निर्देश दिए गए है। पहले दिन छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बेहद कम रही, स्कूल खुलने से पूर्व कक्षाओं को सैनेटाइज कराया गया वहीं बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग के साथ उन्हें मास्क व शारीरिक दूरी के हिसाब से बैठाया गया। वहीं मुंडेट कलां स्थित सरकारी स्कूल में सबसे पहले विद्यालय पहुंची छात्रा से रिबन कटवाकर पढ़ाइ शुरू की गयी।
सहारनपुर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिले के सभी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षण कार्य शुरू हो गया। दारूल उलूम देवबंद का शिक्षा सत्र भी बुधवार से शुरू हो गया। सहारनपुर जिले में 1438 प्राइमरी स्कूल है, जिनमें एक लाख 89 हजार छात्र है। जिले में सीबीएसई से संबंद्ध 125 स्कूल है। जहां कक्षा पांच तक 50 हजार छात्र पढ़ते है। आज सुबह से हो रही बारिश के कारण कम संख्या में छात्र स्कूल पहुंचे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीश कुमार ने बताया कि जूनियर स्कूलों में 23 अगस्त से पढाई शुरू हो गई थी। छात्रों की उपस्थिति 30 से 40 फीसद है। उन्होंने बताया कि छात्रों पर स्कूल आने पर कोई दबाव नहीं होगा। स्कूलों में पेयजल, शौचालय और विद्युत आदि की व्यवस्थाएं दुरूस्त की गई। सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा योगराज सिंह ने ने कई स्कूलों का निरीक्षण किया और स्कूलों में कोरोना से बचाव के लिए किए गए प्रबंधों का जायजा लिया।
स्कूलों में सैनेटाइज करने और मास्क का इस्तेमाल करने और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना सुनिश्चित किया गया है। कोरोना दिशा-निदेर्शों के साथ आज दारूल उलूम देवबंद में शिक्षा सत्र की शुरूआत हो गई। संस्था में पांच हजार छात्र पढते है। लेकिन 50 फीसद को ही अनुमति दी गई।
प्रवक्ता अशरफ उस्मानी के मुताबिक करीब 18 सौ छात्र हाजिर रहेे। इनमें स्थानीय और बाहरी दोनो छात्र है।
इस बीच मंडलायुक्त डा. लोकश एम. ने अत्यंत गरीब वर्ग के 62 बच्चों का अपनी पहल पर आंगनबाडी और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में दाखिला कराया है। उन्होंने 25 अगस्त को नगर के खलासी लाइन क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान बच्चों को कूडे, कचरे के ढेरो के पास खेलते पाया था। कमिश्नर ने इन बच्चों को स्कूली पोशाक, किताबे, बैग और टाफी, केले, बिस्कुट उपलब्ध कराएं। डा. लोकेश एम. ने शिक्षा अधिकारियों को इन बच्चों का खास ध्यान रखने के निर्देश दिए।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती

हार-जीत से बड़ा है सक्षम बनना

24 जुलाई 2026 को चंद्रमा दिखाई देगा अन्टारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र के योगतारा) के पास