यूआईडीएआई का आधार हैकथॉन 28 अक्टूबर से
नयी दिल्ली 26 अक्टूबर (वार्ता) आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाने और भारतीय युवाओं में नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) 28 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक 'आधार हैकथॉन 2021' का आयोजन कर रहा है।
यूआईडीएआई ने नागरिकों के अनुभव को बढ़ाने और उनके द्वारा तकनीकी नवाचारों के माध्यम से नामांकन और प्रमाणीकरण सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म पर काम करने के तरीके को बढ़ाने के लिए 'आधार हैकथॉन-2021' की शुरुआत कर दी है। इस हैकाथॉन में दो व्यापक विषयों यानी नामांकन और प्रमाणीकरण के अंतर्गत कई समस्या विवरणों को वर्गीकृत किया गया है। यूआईडीएआई को पिछले कुछ दिनों में इंजीनियरिंग छात्रों से अब तक 2700 से अधिक पंजीकरण प्राप्त हुए हैं और यह अपने आप में देशवासियों द्वारा अनुभव की जा रही वास्तविक जीवन की चुनौतियों को हल करने की दिशा में युवा मन के झुकाव की व्याख्या करता है।इस भागीदारी में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), और नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) से लेकर और देश के सभी कोनों से कई शीर्ष रैंक वाले कॉलेज- अरुणाचल प्रदेश जैसे पूर्वी राज्यों से लेकर उत्तर में जम्मू-कश्मीर तक इंजीनियरिंग संस्थानों की सभी श्रेणियों के छात्र शामिल हैं।
इन नवोदित युवा मष्तिष्कों की सहायता के लिए यूआईडीएआई की टीम द्वारा दैनिक आधार पर ऑनलाइन परस्पर सक्रियता (इंटरएक्टिव) सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं ताकि उचित उपयोग के मामलों के साथ समस्या विवरणों की व्याख्या की जा सके। इन सत्रों में अनिवार्य रूप से समस्या विवरण, यूआईडीएआई के अनुप्रयोग प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) एवं ऐसे उत्पादों के विवरण शामिल किए गए हैं, जिनकी आवश्यकता व्यावहारिक समाधान निकालने के लिए होगी। इन संवादात्मक सत्रों को कई युवा नवप्रवर्तकों/प्रतिभागियों द्वारा व्यापक रूप से प्राप्त और सराहा गया है।
इस अवधि में प्राप्त प्रतिवेदनों के मूल्यांकन की योजना ऐसे निर्णायक मंडल आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से बनाई गई है जिसमें यूआईडीएआई द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग, शिक्षा, परामर्श सेवा और सरकार के वरिष्ठ सदस्य/अधिकारी शामिल हैं। ये सदस्य सर्वोत्तम समाधान की पहचान करने के लिए एक संरचित प्रक्रिया के माध्यम से प्राप्त प्रतिवेदनों का मूल्यांकन करेंगे और ऐसे सर्वश्रेष्ठ समाधान को यूआईडीएआई द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा और उसे प्रस्तुत करने वाली टीम को अन्य नियमों और शर्तों की पूर्ति के अधीन उचित रोजगार की पेशकश भी की जाएगी।
यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ सौरभ गर्ग कहते हैं “चूंकि आधार पहले से ही निवासियों का सशक्तिकरण कर रहा है, अतः मैं इन प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देता हूं और आशा करता हूं कि हमारे युवा नवप्रवर्तनकर्ता, नए भारत के निर्माण स्तंभ के रूप में सामने आएंगे और वर्तमान 'आधार’ के ‘बुनियादी ढांचे' को मजबूत करने के लिए कुछ ऐसे उत्कृष्ट दृष्टिकोण/समाधान देकर हमे आश्चर्यचकित करेंगे 'जो अंततः 'आधार' से संबंधित सेवाओं से अधिकतम मूल्य प्राप्त करने में देशवासियों के लिए लाभकारी है।”
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें