बगैर सबूत के पुलिस किसी को गिरफ्तार नहीं करेगी: योगी

 गोरखपुर 08 अक्टूबर (वार्ता) केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र की गिरफ्तारी को लेकर उतावले विपक्ष को परोक्ष रूप से जवाब देते हुये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ किया कि बगैर सबूत के पुलिस लखीमपुर हिंसा में किसी को भी गिरफ्तार नहीं करेगी। उन्होने कहा कि सिर्फ आरोपों के आधार पर किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता।

श्री योगी ने सवालिया लहजे में कहा कि विपक्षी दलों के आरोपों के आधार पर किसी को कैसे गिरफ्तार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने यह बयान एक निजी समाचार चैनल में अपने साक्षात्कार के दौरान दिया। उन्होने कहा कि उनके संज्ञान में अब तक केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष की लखीमपुर हिंसा में भूमिका के साक्ष्य नहीं मिले है।


उन्होने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय का भी आदेश है कि गिरफ्तारी से पहले पर्याप्त साक्ष्य होना चाहिये। उन्होने कहा “ हम मनगंढ़ंत आरोपो पर किसी को गिरफ्तार नहीं करेंगे, जब साक्ष्य मिल जायेंगे तो किसी को भी चाहे वह भाजपा विधायक हो या विपक्ष का नेता, गिरफ्तारी में तनिक भी देर नहीं लगेगी।” उन्होने स्वीकार किया कि लखीमपुर खीरी की घटना दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा “ सरकार हिंसा के कारणों की बारीकी से जांच कर रही है। लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। कानून सबके लिये बराबर है और सबको एक नजर से देखता है। उत्तर प्रदेश में कोई भी कार्य दवाब में नहीं होगा। इस मामले की जांच के लिये एसआईटी और न्यायिक आयोग का गठन कर दिया गया है। घटना में संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी शुरू हो चुकी है। कल यानी गुरूवार को कई लोगों को गिरफ्तार किया गया जो आज भी जारी है। पूरे मामले में पारदर्शिता के साथ निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।”

लखीमपुर हिंसा मामले में विपक्षी नेताओं के आरोपों को निराधार बताते हुये श्री योगी ने कहा “ हमने किसानो के प्रार्थनापत्र के आधार पर एफआईआर दर्ज की। विपक्ष सदभावना के कोई दूत नहीं है। हिंसा के पीड़ित परिवार ने कहा है कि वह सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने राज्य की विषम परिस्थितियों से निपटने में नकारा सिद्ध हुये है जहां पुलिस ने किसानो की हत्या की है लेकिन उन किसानो के लिये कांग्रेस के नेताओं के पास कोई संवेदना नहीं है। ”

उन्होने कहा “ मै राहुल गांधी और प्रियंका से पूछना चाहता हूं कि देश मार्च 2020 से काेरोना से लड़ रहा है। उत्तर प्रदेश की आबादी 24-25 करोड़ है। कोई बता सकता है कि राजनीतिक पर्यटन पर निकले सपा,बसपा और कांग्रेस के नेता कोरोना की विषम परिस्थितियों में बाहर क्यों नहीं निकले थे। वैश्विक महामारी में इनमें से कोई नेता सड़कों पर नहीं दिखा था। जब देश की जनता कोरोना से जान गंवा रही थी, उस समय केन्द्र और प्रदेश की भाजपा सरकारों के कार्यकर्ता उनकी मदद कर रहे थे। उनकी जाने बचा रहे थे।

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