खाद्य तेलों की भंडारण सीमा निर्धारित करने वाला यूपी पहला राज्य

 लखनऊ 27 अक्टूबर (वार्ता) खाद्य तेलों की कीमतों में बढ़ोत्तरी को नियंत्रित करने के मकसद से उत्तर प्रदेश ने खुदरा एवं थोक विक्रेताओं की स्टाक (भंडारण) सीमा निर्धारित कर दी है।

खाद्य तेलों की जमाखोरी पर नकेल कसने के लिये राज्य सरकार ने बुधवार को इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, खाद्य तेलों के भंडारण की सीमा निर्धारित करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
केन्द्र सरकार के खाद्य एवं नागरिक वितरण विभाग के सचिव सुधांशु पांडे ने इसकी पुष्टि करते हुये कहा “ केन्द्र सरकार के बाद राज्य सरकाराें ने खाद्य तेलों की स्टाक सीमा निर्धारित करना शुरू कर दिया है। इस कदम से त्योहारी मौसम में लोगों को राहत मिल सकती है। हमने इस बारे में 23 राज्यों से विचार विमर्श किया था। इनमें से उत्तर प्रदेश ऐसा पहला राज्य है जिसने खाद्य तेलों के भंडारण की सीमा निर्धारित करने के लिये अधिसूचना जारी की है।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले शनिवार को मुनाफाखोरों और जमाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये है ताकि त्याेहारों पर लोगों को कृत्रिम महंगाई के दंश से राहत मिल सके। पांडे ने बताया कि हरियाणा और गुजरात भी इस दिशा में अधिसूचना जारी करने की तैयारी कर चुके हैं जिसका अनुसरण नौ अन्य राज्य कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने विभिन्न हितधारकों के लिये एक से 25 टन की सीमा में स्टाक लिमिट लगायी है। इसे लेकर गत 12 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की जा चुकी है। उन्होने उम्मीद जतायी कि खाद्य तेलों के भंडारण की सीमा निर्धारित करने का असर बाजार में जल्द दिखायी देगा।
उन्होने कहा कि काेरोना काल के दौरान तेल के उत्पादन में कमी आयी थी मगर अब स्थितियां सामान्य हो रही है। उम्मीद है कि जल्द ही खाद्य तेलों की कीमतों में जल्द कमी आयेगी। इससे पहले केन्द्र सरकार ने घरेलू बाजार में खाद्य तेल के भंडारण की सीमा अगले साल 31 मार्च तक निर्धारित करने का आदेश दिया था।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती

हार-जीत से बड़ा है सक्षम बनना

24 जुलाई 2026 को चंद्रमा दिखाई देगा अन्टारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र के योगतारा) के पास