हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में यूपी ने रचा इतिहास
सिद्धार्थनगर, 25 अक्टूबर (वार्ता) भगवान बुद्ध की क्रीड़ास्थली सिद्धार्थनगर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सोमवार को नौ नये मेडिकल कालेजों का लोकार्पण होने के साथ उत्तर प्रदेश ने हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक नये युग की शुरूआत कर दी है।
उत्तर प्रदेश को आज देश के पहले ऐसे राज्य का तमगा मिला है जहां एक दिन में नौ नये मेडिकल कालेजों का उदघाटन हुआ है। दूसरे राज्यों के लिये नजीर पेश करते हुये यूपी ने एक ही दिन में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एमबीबीएस की 900 सीटों और 3000 बिस्तर से अधिक क्षमता के अस्पतालों का निर्माण कर ऊंची छलांग लगायी है।इसका श्रेय पूरी तरह उत्तर प्रदेश की मौजूदा योगी सरकार को जाता है जिसने चिकित्सा स्वास्थ्य के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिये एक कार्ययोजना बनाकर काम किया। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में गिनती के मेडिकल कॉलेज थे जबकि साढ़े चार सालों में नए मेडिकल कॉलेजों से यूपी नया रिकॉर्ड बनाने की राह पर है।
श्री मोदी ने आज सिद्धार्थनगर, देवरिया, एटा, हरदोई, गाजीपुर, मीरजापुर, प्रतापगढ़, फतेहपुर और जौनपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया। इन मेडिकल कॉलेजों में 300 या उससे अधिक बेड के सभी संसाधनयुक्त अस्पताल होंगे और सभी जगह इसी सत्र से नीट के जरिये एमबीबीएस की 100-100 सीटों पर प्रवेश भी शुरू हो जाएगा। इससे अब तक पिछड़े समझे जाने वाले जिलों पर ही बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मिलने लगेगी और आगामी कुछ सालों में चिकित्सकों की फौज भी खड़ी हो जाएगी।
सिद्धार्थनगर जिले का शुमार पूरब की तराई बेल्ट में होता है। जलवायु ऐसी है कि वायरस और बैक्टीरिया जनित रोग यहां ज्यादा पनपते हैं। योगी सरकार के समन्वित प्रयासों से काबू में आने से पहले इंसेफेलाइटिस से यहां हर साल बड़ी संख्या में मासूमों की मौतें होती थीं। गर्मी और बरसात के मौसम में कॉलरा और डायरिया के भी अधिक मरीज सामने आते थे। इलाज के लिए यहां के लोगों को गोरखपुर-बस्ती के मेडिकल कॉलेज या फिर लखनऊ की भागदौड़ करनी पड़ती थी। सिद्धार्थनगर में ही राजकीय मेडिकल कॉलेज बन गया है, अब उन्हें यहीं पर बेहतरीन इलाज मिल जाएगा। न सिर्फ बीमारियों बल्कि दुर्घटना की दशा में भी त्वरित इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इस मेडिकल कॉलेज से पड़ोसी जिलों बलरामपुर, महराजगंज और पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल के लोगों को भी बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
2017 से पहले गोरखपुर-बस्ती मंडल के सात जिलों में चिकित्सा का दारोमदार अकेले गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज पर था मगर बीते साढ़े चार सालों में यहां चिकित्सा क्षेत्र का कायाकल्प हो गया है। बस्ती में राजकीय मेडिकल कॉलेज दो साल से क्रियाशील है तो सिद्धार्थनगर और देवरिया में आज इसका शुभारंभ हो चुका है।
कुशीनगर में 20 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास कर चुके हैं। शेष दो जिलों संतकबीरनगर और महराजगंज में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा हो चुकी है। सबसे खास बात यह कि गोरखपुर में एम्स भी बन चुका है जिसका उद्घाटन अगले एक-डेढ़ माह में पीएम करेंगे।
नए राजकीय मेडिकल कॉलेजों से जहां चिकित्सा व चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश और सशक्त होगा, वहीं प्रदेश सरकार इसके जरिये महान विभूतियों का नाम भी प्रतिष्ठित कर रही है। सभी जिलों में बने मेडिकल कॉलेज उस जिले की महान विभूति, सेनानी या महापुरुष के नाम से संचालित होंगे। सिद्धार्थनगर का मेडिकल कॉलेज माधव प्रसाद त्रिपाठी के नाम से, देवरिया का मेडिकल कॉलेज महर्षि देवरहा बाबा के नाम से, गाजीपुर का मेडिकल कॉलेज महर्षि विश्वामित्र के नाम से, मिर्जापुर का मेडिकल कॉलेज मां विंध्यवासिनी के नाम से, प्रतापगढ़ का मेडिकल कॉलेज डॉ सोनेलाल पटेल के नाम से, एटा का मेडिकल कॉलेज वीरांगना अवंतीबाई लोधी के नाम से, जौनपुर का मेडिकल कॉलेज पूर्व मंत्री उमानाथ सिंह के नाम से, फतेहपुर का मेडिकल कॉलेज अमर शहीद जोधा सिंह अटैया ठाकुर दरियांव सिंह के नाम से संचालित होगा।
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