नीतिगत दरों को यथावत रख आरबीआई ने अपनाया संतुलित दृष्टिकोण : उद्याेग
नयी दिल्ली 08 अक्टूबर (वार्ता) उद्योग जगत ने रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नीतिगत दरों को यथावत रखने को उम्मीद के अनुरूप बताया और कहा कि आरबीआई ने ऐसा करके संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है।
वाणिज्य एवं उद्योग संगठन फिक्की के अध्यक्ष उदय शंकर ने मौद्रिक नीति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि नीतिगत दरों को यथावत रखा जाना उद्योग जगत की उम्मीद के अनुरूप है। इसमें कोई आश्चर्य नहीं है। विकास को एक मजबूत आधार मिलने तक सभी चैनलों के समर्थन की आवश्यकता होगी। ऐसे में आरबीआई पर्याप्त तरलता बनाए हुए है।श्री शंकर ने कहा कि केंद्रीय बैंक से मुद्रास्फीति के मोर्चे पर कुछ उम्मीदें जरूर थी। बहरहाल, कच्चे तेल की कीमतों में हाल में आई उछाल और औद्योगिक इनपुट का बढ़ना चिंता का विषय बनी हुई है। हम आरबीआई के इस अवलोकन से सहमत हैं कि ईंधन पर अप्रत्यक्ष करों के दबावों को नियंत्रित करने के प्रयास मुद्रास्फीति को और अधिक कम करने में योगदान कर सकते हैं। ईंधन की कीमतें उच्चतम स्तर पर हैं और फिक्की पिछले कुछ समय से ईंधन पर करों को समाप्त करने की वकालत कर रहा है।
भारतीय उद्योग परिसंघ सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, “अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने की गति बनाये रखने के लिए नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करना आरबीआई का उचित कदम है। भले ही हाल ही में विकास के कई क्षेत्रों में सुधार के उत्साहजनक संकेत मिले हैं लेकिन हम मानते हैं कि आरबीआई से मौजूदा विकास प्रक्रिया को निरंतर नीतिगत समर्थन की आवश्यकता है।”
वाणिज्य एवं उद्योग संगठन एसोचैम के महासचिव दीपक सूद ने आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि नीतिगत दरों को यथावत रखना उम्मीद के अनुरूप है। आरबीआई के इस निर्णय से अर्थव्यवस्था के विकास को और गति मिलेगी।
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