बौद्ध परिपथ के तीर्थस्थलों की यात्रा अब हुयी आसान
कुशीनगर 20 अक्टूबर (वार्ता) उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के अस्तित्व में आने के बाद बौद्ध सर्किट के तीर्थस्थलों के दर्शन श्रद्धालुओं को कम समय में आसानी से मिल जायेंगे।
कुशीनगर में भगवान गौतम बुद्ध का महापरिनिर्वाण हुआ था। कुशीनगर बौद्ध परिपथ का केंद्र बिंदु है। इस परिपथ में लुंबिनी, सारनाथ और गया भी शामिल हैं। इस हवाई अड्डे के उद्घाटन के बाद बौद्ध परिपथ के लुंबिनी, बोधगया, सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, राजगीर, संकिसा और वैशाली की यात्रा कम समय में पूरी की जाएगी।कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रदेश का तीसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। इसका रनवे प्रदेश के सभी हवाई अड्डों के रनवे से बड़ा है। इस पर वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट भी आसानी से उतर सकता है। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा शुरू होन से दक्षिण एशियाई देशों के साथ सीधे विमानन संपर्क स्थापित हो जाएगा।
इससे श्रीलंका, जापान, ताइवान, दक्षिण कोरिया, चीन, थाईलैंड, वियतनाम, सिंगापुर से आने वाले पर्यटकों के लिए कुशीनगर पहुंचना और क्षेत्र की समृद्ध विरासत का अनुभव करना सुगम हो जाएगा। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, लखनऊ एयरपोर्ट, लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाराणसी एयरपोर्ट के बाद कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तीसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है।
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