देवरिया में फतह के लिए भाजपा को बहाना होगा पसीना
देवरिया,14 नवम्बर (वार्ता) उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में 300 से अधिक सीटें जीतने का दावा कर रही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिये पूर्वांचल के देवरिया जिले में सात विधानसभा क्षेत्रों में फतह हासिल करने के लिये कड़ी मशक्कत करनी पड़ सकती है।
वर्ष 2017 के चुनाव में भाजपा ने देवरिया की सात सीटों में से छह में जीत हासिल की थी। देवरिया सदर से भाजपा के डा. सत्य प्रकाश मणि त्रिपाठी,रामपुर कारखाना से भाजपा के कमलेश शुक्ला, पथरदेवा से सूबे के कृषिमंत्री सूर्य प्रताप शाही,रूद्रपुर से प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री जय प्रकाश निषाद,बरहज से भाजपा के सुरेश तिवारी, सलेमपुर सुरक्षित सीट से भाजपा के काली प्रसाद है जबकि भाटपाररानी से समाजवादी पार्टी (सपा) के आशुतोष उपाध्याय विधायक हैं।एक जमाने में देवरिया को समाजवादी पार्टी (सपा) के गढ़ के तौर पर जाना जाता था हालांकि समय के साथ धीरे-धीरे सपा का जनाधार घटता गया। समाजवाद के पुरोधा मोहन सिंह,हरिकेवल प्रसाद, हरिवंश. सहाय,मुक्तिनाथ यादव के न रहने से सपा को यहां पूर्व विधानसभा चुनाव में काफी नुकसान झेलना पड़ा था और सपा यहां मात्र एक सीट पर सिमट कर रह गई है।
देवरिया जिले के विकास की बात किया जाय तो यहां से सांसद रहे तथा वर्तमान में राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्रा अपने सांसद के कार्यकाल के दौरान यहां एक मेडिकल की स्थापना की कार्ययोजना बनाई थी जिसको हाल ही में अमलीजामा पहनाया गया है। मिश्रा ने अपने सांसद कार्यकाल में गोरखपुर से बलिया तक राष्ट्रीय राजमार्ग को बनवाया है। इसके साथ ही देवरिया में उन्होंने केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना कराई थी लेकिन उनके जाने के बाद देवरिया शहर को जाम से बचाने के लिए बनने वाला बाईपास मार्ग अधर में लटक गया है। केन्द्रीय विद्यालय के भवन बनवाने के लिए मिश्र ने शिलान्यास किया था लेकिन उनके सांसद न रहने के बाद इस विद्यालय का बनने वाला भवन अधर में लटक गया है। यह केन्द्रीय विद्यालय किसी अन्य जगह पर चल रहा है।
अगर देवरिया शहर की बात की जाय तो देवरिया नगर पालिका परिषद की भाजपा नगरपालिका अध्यक्ष अलका सिंह करीब अपने साढ़े चार साल के अपने कार्यकाल के दौरान शहर की जनता को मूलभूत सुविधाओं को देने में अभी तक खरी नहीं उतर सकी हैं। शहर के कई वार्ड अभी भी सड़क,नाली और अन्य सुविधाएं से अपने को परिपूर्ण नहीं पा रहे हैं। अधिकांश सड़के गढ्ढा युक्त बनी हुई हैं। तमाम दावों के बीच देवरिया शहर आज भी विकास की ओर देख रहा है।
शहर में तमाम मकाने और माल मास्टर प्लान के विपरीत जाकर बने हुए हैं जिससे सड़के सकरी होने के कारण जाम की समस्या बनी रहती हैं। अगर देखा जाय तो उप चुनाव में भाजपा के सदर विधायक डा.सत्य प्रकाश मणि त्रिपाठी ने अपने अल्प कार्यकाल में अपने निधि से देवरिया विधानसभा में विकास का अलख जगाने की कोशिश में लगे हुए हैं।इसी तरह पथरदेवा से विधायक तथा कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही,रूद्रपुर से विधायक तथा राज्यमंत्री जय प्रकाश निषाद,सलेमपुर से विधायक काली प्रसाद अपने अपने क्षेत्रों विकास का अलख जगाये हुए हैं।
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