जेवर से बनेगा उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला राज्य
नयी दिल्ली, 25 नवंबर (वार्ता) जेवर अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ देश के सबसे अधिक आबादी वाले उत्तर प्रदेश में पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हो जाएंगे और यह अंतरराष्ट्रीय परिचालन करने वाले सबसे अधिक हवाई अड्डों वाला प्रदेश बन जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने जेवर में विशाल सभा में इस तथ्य का विशेष रूप से उल्लेख किया कि यह हवाई अड्डा चालू हो जाने पर उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे वाला राज्य हो जाएगा और यहां ऐसे पांच हवाई अड्डे हो जाएंगे।उन्होंने कहा कि यह विविध परिवहन प्रणालियों से जुड़े हवाई अड्डे की पहली परियोजना है।
उत्तर प्रदेश में लखनऊ के बाद वाराणसी हवाई अड्डे को 2012 में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा मिला था। लम्बे समय तक यह संख्या दो पर ही टिकी रही। प्रधानमंत्री मोदी ने इस साल 20 अक्टूबर को कुशीनगर हवाई अड्डे का उद्घाटन किया और परिचालन शुरू होने के साथ ही इसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा मिल गया।
अयोध्या में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है जो अगले साल जल्दी बन कर तैयार हो सकता है। प्रदेश का पांचवा हवाई अड्डा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार जेवर हवाई अड्डे के पहले चरण का काम 2024 के उत्तरार्ध तक पूरा हो जाएगा।
प्रदेश में इस समय आठ हवाई अड्डे चल रहे हैं। अभी 13 हवाई अड्डे और सात हवाई पट्टियों के विकास का काम चल रहा है।
इस समय लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर, आगरा, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज और हिंडन (गजियाबाद) से वाणिज्यिक उड़ानों का परिचालन होता है। जेवर हवाई अड्डे की जगह दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 72 किलोमीटर और दादरी के मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स केंद्र से 40 किलोमीटर पर है।
इसके पहले चरण में इस हवाई अड्डे की क्षमता वार्षिक 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी। पहला चरण 36 माह में पूरा हो जाएगा। इसका चार चरणों में विस्तार प्रस्तावित है। उस समय इसकी क्षमता सात करोड़ यात्री तक हो जाएगी।
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