सत्ता परिवर्तन से ही बचेगा संविधान : मायावती
लखनऊ, 06 दिसंबर (वार्ता) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने संविधान निर्माता डा भीमराव आंबेडकर की 66वीं पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुये कहा है कि संविधान की रक्षा अब सत्ता परिवर्तन से ही संभव है और इस बात को ध्यान में रखते हुये दलित समाज को सत्ता की कुंजी अपने हाथों में लेना समय की मांग है।
मायावती ने डा आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस पर यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि समता मूलक मल्यों पर आधारित संविधान आज संकटग्रस्त है। उन्होंने कहा कि केन्द्र और उत्तर प्रदेश में अब तो सत्ता परिवर्तन से ही संविधान को मौजूदा दौर में मंडराते संकट से बचाया जा सकता है।मायावती ने कहा कि दलित समाज को अपने अधिकार हासिल करने के लिये सत्ता की चाबी अपने हाथों में लेनी पड़ेगी। उन्होंने बाबा साहब के संघर्ष को याद करते हुये बसपा कार्यकर्ताओं से उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव में पार्टी को जिताने के लिये जुटने की अपील करते हुये कहा कि 2022 में बसपा 2007 से भी ज्यादा मजबूती से चुनवाव जीतकर सरकार बनायेगी।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) की पहले की सरकारों में अराजकता का बोलबाला होने की यादें ताजा करते हुये कहा कि सपा कितने भी गठबंधन कर ले लेकिन उत्तर प्रदेश की जनता सपा के शासन में गुंडाराज को भूली नहीं है।
इससे पहले मायावती ने बसपा के महासचिव सतीश चंद्र मिश्र के साथ अांबेडकर स्मारक पर जाकर बाबा साहब को श्रृद्धांजलि अर्पित की।
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