सोशल मीडिया में भड़काऊ पोस्ट डालने पर चार के खिलाफ मुकदमा
मथुरा, 4 दिसंबर (वार्ता) बाबरी विध्वंस के दिन छह दिसम्बर को चार हिन्दूवादी संगठनो द्वारा जलाभिषेक करने की चेतावनी वापस लेने के बावजूद मथुरा जिला प्रशासन फिजा को बिगड़ने से रोकने के हर संभव प्रयास कर रहा है।
जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया में भड़काऊ पोस्ट डालने के लिए चार लोगों के खिलाफ 67 आईटी ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है जहां दो एफआईआर कोतवाली थाना क्षेत्र में लिखाई गई हैं वहीं दो पुलिस रिपोर्ट गोविन्दनगर थाना क्षेत्र में लिखाई गई हैं।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा गौरव ग्रोवर ने बताया कि छह दिसम्बर को चार संगठनों द्वारा परंपरा से हटकर कार्य करने की जिस समय इजाजत नहीं दी गई थी,उसी समय सोशल मीडिया से भड़काऊ पोस्ट न डालने के लिए कहा गया था। यह भी बताया गया था कि सर्विलांस को चेकिंग के लिए लगा दिया गया है। इसके बावजूद भड़काऊ पोस्ट डालने पर कार्रवाई की गई है। फजल हुसैन अझारी के खिलाफ अपने ट्विटर एकाउन्ट से भड़काऊ पोस्ट डालने के लिए आईटी ऐक्ट की धारा 67 में गोविन्दनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है वहीं दूसरी रिपोर्ट ट्विटर एकाउन्ट धारक के खिलाफ इसी थाने में आईटी ऐक्ट की धारा 67 में दर्ज कराई गई है।
इसी श्रंखला में समीर दुर्रानी नाम से चलाई जा रही फेसबुक के आईडी होल्डर के खिलाफ कोतवाली मथुरा में धारा 67 आईटी ऐक्ट में दर्ज कराई गई है। चौथी रिपोर्ट पी डी अग्रवाल के खिलाफ उनके ट्विटर एकाउन्ट से भड़काऊ पोस्ट डालने के लिए आईटी ऐक्ट की धारा 67 में कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई है।
इस बीच शुक्रवार को पुलिस के कड़े पहरे के बीच शाही मस्जिद ईदगाह में सौहार्द्रपूर्ण वातावरण कें नमाज अदा की गई। जिला पुलिस प्रमुख का कहना था कि कुछ संगठनों ने छह दिसंबर को परंपरा के विपरीत कार्यक्रम करने की अनुमति मांगी थी जिसकी इजाजत नही दी गई थी। इस प्रकार के किसी कार्यक्रम को करने की इजाजत आगे भी नही दी जाएगी।
रेलवे ने भी मथुरा वृन्दावन के बीच चलने वाली रेल बस का आवागमन सात दिसंबर तक के लिए रोक दिया है। यह रेल बस ईदगाह के सामने और श्रीकृष्ण जन्मस्थान के पास से होकर जाती है। एरिया मैनेजर रवि प्रकाश ने बताया कि यह कदम कुछ कतिपय कारणों के कारण लिया गया है।
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