दिल्ली में ओमिक्रॉन के अधिकतर मामले लक्षण विहीन

 नयी दिल्ली, 24 दिसंबर (वार्ता) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना महामारी के नए स्वरूप ओमिक्रोन के अधिकतर मरीजों में इसके लक्षण न के बराबर या फिर बहुत हल्के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। चिकित्सकों ने कहा है कि ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज कोराना के नियमों का पालन करने मात्र से ही ठीक हो रहे हैं।

ओमिक्रॉन के पीड़ित मरीजों का उपचार कर रहे कुछ चिकित्सकों ने यूनीवार्ता से कहा कि ओमिक्रॉन के हल्के लक्षण वाले मरीजों को एंटी-एलर्जिक और एंटीबायोटिक दवाइयों दी जा रही हैं।

लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि उनके यहां ओमिक्रॉन संक्रमित अधिकतर मरीजों को क्रोसीन और मल्टी-विटामिन्स गोलियां देकर उनका उपचार किया जा रहा है।

दिल्ली में सरकार द्वारा संचालित इस अस्पताल में सबसे बड़े पैमाने पर कोरोना के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। राजधानी में अब तक ओमिक्रॉर संक्रमित 40 मामले सामने आ चुके हैं।

राजधानी दिल्ली के एलएनजेपी में 02 दिसंबर को ओमिक्रॉन का पहला मामला सामने आया था। अभी तक इस वायरस से संक्रमित 19 मरीजों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गयी है।

एनएनजेपी की मुख्य चिकित्सा अधिकारी रितु सक्सेना ने कहा, “हमारे यहां अब तक ओमिक्रॉन से संक्रमित 40 मरीज भर्ती हो चुके हैं, जिनमें से केवल दो ही मरीजों में गले में सूजन, हल्का बुखार, शरीर में दर्द और दस्त जैसे लक्षण दिखाई दिए हैं।

उन्होंने कहा, “हमने दो मरीजों को क्रोसीन और एंटीबायोटिक की गोली दी। बाकी जिन रोगियों में कोई लक्षण नहीं दिखा उन्हें केवल मल्टीविटामिन और बी कॉम्प्लेक्स कैप्सूल दिए गए हैं। हमें इस दौरान कोई और दवाई देने की जरूरत महसूस नहीं हुई।”

बत्रा अस्पताल के चिकित्सा निदेशक एससीएल गुप्ता ने कहा कि लक्षण के साथ यहां भर्ती हुए ओमिक्रॉन के एक मरीज के इलाज के लिए केवल बुनियादी दवाओं की आवश्यकता महसूस की गई।

डॉ. गुप्ता ने कहा, “मरीज को दर्द और बुखार से राहत के लिए दवाई दी गई और अब वह ठीक है। उसमें अब तक हल्का बुखार, गले में सूजन, शरीर में दर्द जैसी शिकायतें देखी गई थीं।”

बत्रा अस्पताल दिल्ली सरकार के उन चार निजी अस्पतालों में से एक हैं, जहां ओमिक्रॉन के मरीजों को आइसोलेट किया जा रहा है। अन्य तीन मैक्स साकेत, फोर्टिस वसंत कुंज और सर गंगा राम अस्पताल है।

गौरतलब है कि दिल्ली में अब तक ओमिक्रॉन के 67 मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें से 23 को स्वस्थ होने के बाद अस्पातल से छुट्टी मिल गयी है।

सूत्रों के मुताबिक ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज पूर्ण रूप से टीकाकृत थे और उनमें से तीन ने बूस्टर डोज भी ली हुई थी।

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