उप्र में अभी तो ट्रेलर चल रहा था, अगले पांच साल में अब फिल्म चलेगी: गडकरी
बिजनौर, 19 दिसंबर (वार्ता) वरिष्ठ भाजपा नेता और केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने केन्द्र में मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के विकासकार्यों का हवाला देते हुये कहा है कि पिछले कुछ सालों में विकास की जो गति दिखी है, वह तो फिल्म का ट्रेलर मात्र है, पूरी फिल्म चलना बाकी है। उत्तर प्रदेश में जनता के आशीर्वाद से यह फिल्म चलेगी।
गडकरी ने रविवार को यहां भाजपा की जनविश्वास यात्रा को रवाना करते हुये कहा, हमारा देश धनवान है लेकिन जनता गरीब है। ऐसा क्यों है?” उन्होंने इसके जवाब में कहा कि अब तक की सरकारों ने व्यक्ति केन्द्रित विकास कार्य किये, लेकिन 2014 के बाद सरकार की विकास की नीतियां ऐसी बनीं जिनके कारण जनसामान्य का जीवन स्तर सुधरा है।इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री संजीव बालियान और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी उपस्थित थे। गडकरी ने सड़क परियोजनाओं और कृषि क्षेत्र में आये बदलाव का हवाला देते हुये कहा कि 2014 तक उत्तर प्रदेश कैसा था और आज उत्तर प्रदेश कैसा है, यह आज हर कोई महसूस कर रहा है।
उन्होंने अपना एक पूराना अनुभव साझा करते हुये कहा, “मैं एक बार बिजनौर इलाके में सड़क मार्ग से आ रहे थे तब हमें समझ ही नहीं आ रहा था कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढे में सड़क है। तब कैसे रास्ते थे और आज कैसे रास्ते हैं आप खुद महसूस करते होंगे।”
गडकरी ने कहा कि अच्छी सड़काें से विकास तेज हाेता। अमरीका धनवान है क्योंकि उसके रोड अच्छे हैं। कृषि क्षेत्र में होने वाले क्रांतिकारी बदलावों का खुलासा करते हुये गडकरी ने कहा कि सरकार ने सड़क परिवहन क्षेत्र से अच्छे काम किसानों के लिये किये हैं।
उन्होंने कहा, “ हमारे देश में फल सस्ते हैं और जूस मंहगा है। गेंहू सस्ता है लेकिन ब्रेड मंहगी है। यह स्थिति इसलिये है क्योंकि देश के गोदामों में गेंहू और चावल सड़ रहा है।” गडकरी ने कहहा कि सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि देश का किसान अन्नदाता ही नहीं बल्कि जल्द ही ऊर्जादाता बनेगा। किसान अब पेट्रोल डीजल का पर्याय देगा।
केन्द्रीय मंत्री ने किसानों से एथेनॉल के पंप खोलने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को एथनॉल के पंप खोलने के लिये प्रोत्साहित करने की नीति बनायी है। उन्होंने कहा कि अब वाहन एथेनॉल से ही चलेंगे। किसान के गन्ने से अब सिर्फ चीनी ही नहीं बल्कि एथेनाल भी बनेगा। इतना ही नहीं अब चावल से भी एथनाॅल बनेगा। पूरे देश में इसके 380 कारखाने लगेंगे। इससे गन्ना और धान उत्पादक किसानों को पूरा दाम मिलेगा।
गडकरी ने बताया कि गन्ने के अवशेष से अब हाइड्रोजन बनेगी। पराली से बायो फ्यूल बनेगा। उन्होंने कहा, “मैंने अपने ट्रैक्टर को बायो सीएनजी से चलने लायक बनाया है। जनवरी के पहले सप्ताह में, मैं आपको ऐसी गाड़ी दिखाऊंगा जो हाइड्रोजन से चलेगी। इसी गाड़ी से मैं संसद जाऊंगा। इसी ग्रीन हाइड्रोजन से रेल से लेकर सभी अन्य वाहन चलेंगे।”
गडकरी ने इन बदलावों को कृषि क्षेत्र का भविष्य बताते हुये कहा कि हरित ईंधन ही किसानों को समृद्ध करेगा। यह तकनीक भारत सरकार देश में लेकर आयी है।
उन्होंन योगी राज में गन्ना उत्पादक किसानों को उपज का पूरा दाम मिलने का दावा करते हुये कहा, “हम उप्र से केवल गुंडागर्दी को ही नहीं बल्कि गरीबी और बेरोजगारी को भी खत्म कर रहे हैं।”
गडकरी ने कहा, “पिछले पांच साल से सिर्फ ट्रेलर चल रहा था, अभी तो फिल्म चलना बाकी है। यह फिल्म अब अगले पांच साल में चलेगी। हमारी सरकार तकनीक ला रही है। गांव गरीब के कल्याण की बात कर रही है, जाति की बात हमने नहीं की। यही हमारी राजनीति है, यही हमारा कार्यक्रम है।”
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