जांबाज और कुशल पायलट थे ग्रुप कैप्टन वरूण सिंह

नयी दिल्ली, 15 दिसंबर (वार्ता) कन्नूर हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत वायु सेना के ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह जांबाज तथा कुशल पायलट थे और उनके साहस तथा प्रतिबद्धता के चलते उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था।

ग्रुप कैप्टन सिंह गत 8 दिसम्बर को प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत और 12 अन्य लोगों के साथ उस हेलिकॉप्टर में सवार थे जो कन्नूर के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गयी थी और केवल ग्रुप कैप्टन सिंह ही जीवित बचे थे। उन्हें बेंगलुरू के कमान अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उन्होंने करीब एक सप्ताह तक मौत से संघर्ष करते हुए बुधवार को अंतिम सांस ली।


ग्रुप कैप्टन सिंह भोपाल से संबंध रखते थे और वर्ष 2003 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से प्रशिक्षण के बाद वह वायु सेना में शामिल हुए थे। वर्ष 2004 में उन्हें फाइटर पायलट के रूप में कमीशन मिला और अपने कैरियर के दौरान उन्होंने मुख्य रूप से जगुआर तथा तेजस लड़ाकू विमान उडाये। बाद में वह टेस्ट पायलट बनें और 15 अगस्त 2021 को उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान वर्ष 2020 में एक तेजस विमान को आपात स्थिति में सुरक्षित रनवे पर उताने के लिए दिया गया।

इस हादसे से पहले वह रक्षा सेवा स्टाफ कालेज में इन्सट्रक्टर थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और बेटी है।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।


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