कोविड टैक्स पोटर्ल पर दर्ज मामलों का दो दिन में करायें निस्तारण: राजेंद्र कुमार

 झांसी 01 दिसंबर (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने बुधवार को कहा कि कोविड पॉजिटिव होने के तीस दिन के भीतर यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है उसके परिजनों को अनुग्रह राशि जल्द से जल्द मुहैया कराने के लिए अधिकारी तत्परता से काम करें।

कोविड-19 के संक्रमण से मृत व्यक्तियों के परिजनों को अनुग्रह सहायता दिये जाने के संबंध में मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि कोविड ट्रैक्स पोर्टल पर दर्ज सभी 22898 प्रकरणों का निस्तारण अभियान चलाकर अगले 02 दिवस में अवश्य कर दिया जाये। इस संबंध में जिला स्तर पर गठित कमेटी की बैठकें जरूर कर ली जायें। जिस किसी की भी कोरोना पॉजिटिव होने के 30 दिन के अंदर मृत्यु हुई है, उन्हें अनुग्रह सहायता प्रदान की जायेगी। कम समय में सभी को कैसे राहत पहुंचे, इसके लिए आज ही प्लानिंग कर ली जाये। एनआईसी द्वारा स्टेट लेवल पर पोर्टल डेवलप किया जा रहा है, जिससे आवेदन प्राप्त करने व उनके निस्तारण में काफी आसानी हो जायेगी।

उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि जब तक पोर्टल नहीं बन जाता तब तक वह स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करायें कि कोविड-19 के संक्रमण से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को सहायता प्राप्त करने के लिए किससे संपर्क करना है तथा विज्ञापन में उन अधिकारियों के नाम, पदनाम, स्थान के साथ-साथ टेलीफोन व व्हाट्सअप नंबर भी हो। आवेदन पत्र का प्रारूप सिंपल एवं एक पेज का ही हो तथा आवेदन पत्र के साथ कोविड पॉजिटिव होने का प्रमाण पत्र व उसके 30 दिन के अंदर मृत्यु हो जाने का डेथ सर्टिफिकेट लिया जाये। आधार व आश्रितों का बैंक एकाउंट डिटेल्स भी आवेदन के साथ ही प्राप्त कर लिया जाये ताकि अनुग्रह धनराशि के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि अनुग्रह धनराशि के भुगतान के लिए सभी जिलों को पर्याप्त धनराशि दी जा चुकी है, यदि किसी जिले में अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता हो तो तत्काल अपर मुख्य सचिव राजस्व को डिमाण्ड प्रेषित कर दें।

इससे पूर्व बैठक में अपर मुख्य सचिव राजस्व मनोज कुमार सिंह ने कोविड-19 संक्रमण से हुई मृत्यु में आश्रितों के बैंक खातों में रु0 50,000/- की धनराशि वितरण की जनपदवार प्रगति विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उक्त कार्य के लिए सभी जनपदों में जिला समितियों का गठन किया जा चुका है तथा अनुग्रह सहायता राशि के भुगतान के लिए पर्याप्त धनराशि दी जा चुकी है। वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से जुड़े जिलाधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि अनुग्रह सहायता राशि के वितरण के लिए घर-घर जाकर फार्म भरवाया जा रहा है तथा इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम के माध्यम से भी आश्रितों से संपर्क कर उनकी पूरी मदद की जा रही है । जिलाधिकारियों द्वारा पोर्टल पर दर्ज सभी प्रकरणों का निस्तारण अगले 02 दिन में अवश्य कर दिया जायेगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में झांसी जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने भी एनआईसी कक्ष से प्रतिभाग किया।

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