वि स चुनाव: उत्तर प्रदेश
नयी दिल्ली, 08 जनवरी (वार्ता) उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 14 मई 2022 को समाप्त हो रहा है। राज्य की कुल 403 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव 2017 की शुरुआत में हुए थे। पिछले चुनाव के लिए अधिसूचना 17 जनवरी 2017 को जारी हुई थी और मतदान सात चरणों में हुए थे।
पिछले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सहयोगी दलों को 403 सीटों में से 325 सीटें मिली थी, समाजवादी पार्टी (सपा) को 47, बहुजन समाज पार्टी(बसपा) को 19 और कांग्रेस को सात सीटें मिली थी। पांच सीटें अन्य के खातों में गयीं थी।उत्तर प्रदेश में 2017 के चुनाव में भाजपा को 39.67 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे जबकि सपा और बसपा के मतों का प्रतिशत 21.82 प्रतिशत और 22.23 प्रतिशत था।
भाजपा ने प्रदेश में योगी आदित्य नाथ को मुख्यमंत्री बनाया और आज राज्य में पार्टी के चुनाव अभियान का नेतृत्व वही कर रहे हैं।
भाजपा योगी-मोदी की ‘डबल इंजन सरकार’ विकास कार्यों और हिंदुत्व के एजेंडे को आगे कर सत्ता को बनाये रखने के लिए जीतोड़ कोशिश कर रही है।
सपा, भाजपा के विकास के दावों को पंचर कर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में अपनी चुनावी साइकिल को आगे निकालने में जोरदार ढंग से लगी है। कांग्रेस का अभियान महासचिव प्रियंका गांधी की नेतृत्व में चल रहा है जिन्होंने महिला मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ का नारा दिया है।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी 1989 से सत्ता से बाहर है।
अपने जनाधार को लेकर हमेशा आश्वस्त रहने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती अभी रैलियों के लिए नहीं निकली हैं। उनकी जगह पार्टी के नेता सतीश चंद्र मिश्रा गाजे-बाजे के साथ प्रदेश का भ्रमण कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ दो लाख 84 हजार पांच मतदाता हैं, इनमें 52 लाख 80 हजार 882 नाम मतदाता सूची की समीक्षा के बाद जोड़े गये हैं। राज्य में दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 10.64 लाख है जबकि 24.03 लाख मतदाताओं की उम्र 80 साल से अधिक है।
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