आपराधिक पृष्ठभूमि के प्रत्याशियों को टिकट का कारण सार्वजनिक करना होगा पार्टियों को
नयी दिल्ली, 08 जनवरी (वार्ता) आपराधिक मामले में फंसे लोगों को टिकट देने वाले दलों को अब 48 घंटे के अंदर सार्वजनिक रूप से बताना होगा कि उन्होंने ऐसे व्यक्ति को किस कारण से टिकट दिया और क्या उन्हें ऐसा कोई प्रत्याशी नहीं मिला जिस पर अपराध का कोई आरोप न हो।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश और पंजाब सहित पांच राज्यों में होने जा रहे चुनाव के कार्यक्रम और व्यवस्थाओं की घोषणा करते हुए कहा कि पार्टियों को ऐसे प्रत्याशी के गुण और उपलब्धियों की पार्टी के पोर्टल पर जानकारी देनी होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले में ‘जीतने की संभावना’ उस प्रत्याशी के चयन का आधार नहीं हो सकता।उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायलय के 13 फरवरी 2020 के आदेश के मद्देनजर राजनीतिक दालों को केंद्र और राज्य स्तरीय चुनावों में ऐसे प्रत्याशियों पर मामलों की सूचना, अभियोग पत्र की स्थिति आदि के बारे में पोर्टल पर डालनी होगी।
इसकी सूचना भारतीय भाषा के स्थानीय अखबार और एक राष्ट्रीय अखबार में प्रकाशित कराने के साथ साथ पार्टी के ट्वीटर और फेसबुक पेज पर भी डालना होगा।
दलों को ऐसे प्रत्याशी का चयन करने के 72 घंटे के अंदर इन निर्देशों के अनुपालन की जानकारी देनी होगी।
पार्टियों को अपने पोर्टल के होम पेज पर आपराधिक पृष्ठभूमि के प्रत्याशी शीर्षक एक कालम रखना होगा।
इन निर्देशों के उल्लंघन को न्यायालय के आदेश की अवमानना या उल्लंघन माना जाएगा।
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