इस वर्ष इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की रहेगी धूम
नयी दिल्ली 04 जनवरी (वार्ता) सरकार के इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने की नीति के साथ ही हर दिन बदली प्रौद्योगिकी से वाहनों में मिल रही अत्याधुनिक सुविधाओं के बल पर इस वर्ष इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की धूम रहने वाली है।
बढ़ते तेल आयात बिलों के साथ-साथ वैश्विक जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं सरकार की हालिया नीतिगत पहलों को ई-मोबिलिटी में परिवर्तन को गति देने वाले प्रमुख कारकों में से हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों (ई वी) के दोपहिया श्रेणी जिसे हीरो मोटोकॉर्प समर्थित एथर एनर्जी, ओला इलेक्ट्रिक, ओकिनावा ऑटोटेक, रिवोल्ट इंटेलीकॉर्प जैसे स्टार्ट-अप को व्यापक समर्थन मिल रहा है।सरकार देश में ई-वी अपनाने में तेजी लाने की कोशिश कर रही है। विभिन्न सब्सिडी के साथ ही राज्य सरकारें भी अपने स्तर पर भी ई वी को प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रही है जिससे इन वाहनों की मांग अब बढ़ने लगी है। सरकार अपने 'फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (फेम-2) स्कीम' में दोपहिया ई-वी को प्रोत्साहित कर रही है। दोपहिया ईवी में 40 प्रतिशत लागत सिर्फ बैटरी की होती है लेकिन अब देश में बैटरियों के निर्माण होने पर इसकी लागत कम होने की उम्मीद की जा रही है जिससे इन वाहनों की कीमतें भी कम होंगी।
डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म रेवफिन सर्विसेज के अनुमान के अनुसार ई-वी ऋण वित्तपोषण अगले कुछ वर्षों में ई-वी अपनाने के लिए सबसे बड़ा प्रवर्तक बन जाएगा। आकर्षक ब्याज दर और सरकारों द्वारा बढ़ावा देने से इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में काफी वृद्धि हुई है और यह उद्योग वर्ष 2030 तक 150 अरब डॉलर तक बढ़ने के लिए तैयार है। वाणिज्यिक ई-वी सेगमेंट, जो एक प्रमुख विकास वर्टिकल होने की उम्मीद है, को वित्तपोषण विकल्पों की कमी का सामना करना पड़ रहा है और यह इस क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन रही है।
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