श्रावण मास कल 11 जुलाई से प्रारम्भ,एक माह तक होंगी शिव की आराधना
गोरखपुर( दुर्गेश मिश्र) । भारतीय विद्वत् महासभा के महामंत्री व श्री हनुमत् ज्योतिष सेवा संघ के संस्थापक पं बृजेश पाण्डेय ज्योतिषाचार्य के अनुसार श्रावण मास कल दिनांक 11 जुलाई दिन शुक्रवार से प्रारम्भ होकर 9 अगस्त दिन शनिवार तक रहेगा। इस माह मे भगवान शिव भक्तों के कल्याण के लिए पृथ्वी पर रहते हैं। सावन मास मे सभी प्रकार के पूजा पाठ जैसे महामृत्युंजय मंत्र का जप,रुद्राभिषेक,अमोघ
शिवकवच का पाठ,विष्णु सहस्रनाम,नवग्रह मंत्र,बगलामुखी मंत्र का जप आदि करने या कराने से भक्तों कि सभी मानोकामनाएं पूर्ण होती है। विशेष करके सावन मे रुद्राभिषेक तो सभी भक्तों को कराना चाहिए। मंदिर मे कराने के लिए शिववास का विचार नही किया जाता है। अगर घर पर कराते हैं तो शिववास का विचार अवश्य करें। धन अभाव मे अपने ही स्वयं सम्पूर्ण श्रावण मास शिवलिंग पर जलाभिषेक कर लाभ उठावें। सावन मास मे भक्तों को जलाभिषेक करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है। सावन मास में चतुर्मास भगवान विष्णु का पूजन भी श्रेष्ठ माना जाता है। भगवान शिव को पंचोपचार या षोडशोपचार पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। दूध,दही,शहद, गंगाजल,कूशोदक आदि से रुद्राभिषेक करने से सभी मनोकामनाओं कि पूर्ति होती है.भगवान शिवजी को बेलपत्र,भांग,
धतूरा,मदार,बैर अतिप्रिय है। इसबार श्रावण मास में चार सोमवार पड़ रहा है। प्रथम सोमवार 14 जुलाई, द्वितीय सोमवार 21 जुलाई,तृतीय सोमवार 28 जुलाई, चतुर्थ अंतिम सोमवार 4 अगस्त को है। सोमवार व्रत करने से सुख समृद्धि, संतान,सौभाग्य,लक्ष्मी आदि कि प्राप्ति होती है। मानोकामनापूर्ति हेतु भक्तगण करें रुद्राभिषेक- धन एवं विद्या प्राप्ति के लिए गाय के दूध एवं शक्कर मिश्रित से,शत्रु पराजय के लिए सरसों के तेल से,रोग शांति के लिए गंगाजल में कुश डालकर, आकर्षण एवं सम्मोहन के लिए शहद से,संतान प्राप्ति के लिए दूध एवं घी से,धन सम्पदा प्राप्ति के लिए गन्ने के रस से,धन इच्छा प्राप्ति हेतु खीर से अभिषेक करें। गाय के दूध से अभिषेक करने से सभी मनोरथ कार्य पूर्ण होते हैं। जातक के कुंडली मे मारकेश तथा मारक कि दशा चल रही हो तो मृतक संजीवनी महामृत्युजंय मंत्र के साॅवा लाख जप कराकर अभिषेक करें एवं काल सर्प दोष के निवारण हेतु शिव पूजन व दर्शन अत्यन्त फलदायी व श्रेयस्कर है।

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