यूपी में 17 खतरनाक माने जाने वाले औद्योगिक कार्यों में महिलाओं को मिलेगा मौका
यूपी में 17 खतरनाक माने जाने वाले औद्योगिक कार्यों में महिलाओं को मिलेगा मौका
लखनऊ, 17 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश में 17 खतरनाक माने जाने वाले औद्योगिक कार्यों में महिलाओं को भी अवसर दिया जायेगा।इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में गुरुवार को आयोजित एक बैठक में पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री,एसोचैम,फिक्की , इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स और लघु उद्योग भारती सहित प्रमुख उद्योग संघों तथा फायर सर्विस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विद्युत एवं श्रम विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में कहा गया कि समावेशी औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने उत्तर प्रदेश फैक्ट्री नियमावली, 1950 के तहत 17 खतरनाक माने जाने वाले कार्यों में महिलाओं को कार्य करने की अनुमति दी गयी है। इनमें मिट्टी के बर्तन निर्माण , कालीन निर्माण, पीतल के बर्तन और ताले निर्माण जैसे पारंपरिक उद्योग शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, इलेक्ट्रोलाइटिक प्लेटिंग, बैटरी मरम्मत, कांच निर्माण एवं सीसा, क्रोमियम, बेंजीन जैसे रासायनिक पदार्थों से संबंधित क्षेत्रों में भी ढील देने के प्रस्ताव है, जिससे सुरक्षा मानकों को बनाए रखते हुए महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा।
बैठक में विशेष रूप से निवेश मित्र 3.0 को एक उन्नत सिंगल-विंडो पोर्टल के रूप स्थापित करने पर चर्चा हुई। बैठक में यह जानकारी दी गई कि राज्य में औद्योगिक कार्यों को सरल बनाने के लिए फैक्ट्री लाइसेंस की वैधता 10 वर्ष तक बढ़ाई जा रही है और अनुपालन करने वाली इकाइयों के लिए ऑटो-नवीनीकरण की सुविधा भी दी जा रही है। इन उपायों से प्रतिवर्ष 6,700 से अधिक आवेदन और 1,500 नवीनीकरण की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी, जिससे उद्यमियों पर नियामक बोझ में उल्लेखनीय कमी आएगी।

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