परिषदीय विद्यालयों की दिव्यांग छात्राओं को मिलेंगे हर माह 200 रुपये

लखनऊ, 28 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों की 26 हजार 215 दिव्यांग छात्राओं को समग्र शिक्षा अभियान के तहत हर माह 200 रुपये की दर से अधिकतम 10 माह तक वृत्तिका यानी स्टाइपेंड प्रदान करेगी। इसके लिये 5.24 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है।

यह निर्णय केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की नौ अप्रैल की बैठक में अनुमोदित हुआ था, जिसके क्रम में योगी सरकार ने इसका त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया है। प्रदेश सरकार इस योजना को डी.बी.टी. के माध्यम से लागू कर रही है, ताकि प्रत्येक लाभार्थी तक सहायता बिना किसी बिचौलिए के सीधे पहुंचे। समस्त धनराशि छात्राओं के माता-पिता या अभिभावकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
अधिकृत सूत्रों ने सोमवार को बताया कि परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कम्पोजिट विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत वह छात्राएं पात्र होंगी, जिनके पास किसी सक्षम चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी न्यूनतम 40 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण-पत्र होगा। इन छात्राओं को अधिकतम 10 माह तक 200 रुपये प्रतिमाह की दर से वृत्तिका दी जाएगी।
उन्होने बताया कि हर जिले में पात्रता की जांच और सत्यापन के लिये जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसमें वित्तीय और शैक्षिक अधिकारी सम्मिलित होंगे। यह समिति लाभार्थियों की अंतिम सूची को तैयार कर, डिजिटल सत्यापन के उपरांत पीएफएमएस पोर्टल पर अपलोड करेगी।
राज्य के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण है। यह वृत्तिका उन दिव्यांग बेटियों के लिए एक मजबूत सहारा बनेगी, जिनके सपने उनके शारीरिक हालात से कहीं बड़े हैं। यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि शिक्षा में समान अवसर, गरिमा और संवेदनशील शासन व्यवस्था का परिचायक है। योगी सरकार हर वर्ग, हर बच्ची और हर परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

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