सुरों से सजा "सुबहे बनारस": गोरखपुर की सुनीषा श्रीवास्तव ने किया काशी वासियों को मंत्रमुग्ध
गोरखपुर(दुर्गेश मिश्र)।वाराणसी के ऐतिहासिक अस्सी घाट पर “सुबहे बनारस” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित एक भव्य शास्त्रीय संगीत प्रस्तुति में गोरखपुर की सुप्रसिद्ध गायिका सुनीषा श्रीवास्तव ने अपनी भावप्रवण गायकी से श्रोताओं का मन मोह लिया। इस आयोजन का संयोजन स्वर सागर संस्था, गोरखपुर ने किया, जो वर्षों से भारतीय शास्त्रीय संगीत और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार में संलग्न है।
सुनीषा श्रीवास्तव – वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर, आकाशवाणी एवं दूरदर्शन की स्वीकृत शास्त्रीय व सुगम संगीत गायिका, राष्ट्रीय युवा पुरस्कार तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मान प्राप्त कलाकार हैं। वे स्वर सागर संगीत विद्यालय, गोरखपुर की संस्थापक निदेशक भी हैं।
उन्होंने राग भैरव, अहीर भैरव, यमन, बागेश्री की बंदिशों के माध्यम से बनारस की सुबह को सुरों की अनुभूति से भर दिया। भजन “राम नाम रस बरसे”, “ओम नमः शिवाय”, रुद्राष्टकम और अथर्ववेद मंत्र की संगीतमयी प्रस्तुति ने घाट पर भक्ति और संगीत का अलौकिक वातावरण रच दिया।
उनके साथ ढोलक पर बेचन प्रसाद, कीबोर्ड पर पंकज शुक्ला, सहगायन में अमित मिश्रा और समीर जायसवाल, तथा शास्त्रीय नृत्य में इशिका सिंह ने उत्कृष्ट संगति की।
कार्यक्रम में स्थानीय श्रोताओं के साथ अनेक विदेशी दर्शक भी उपस्थित थे, जिन्होंने इस प्रस्तुति को “संगीत और अध्यात्म का अद्वितीय संगम” बताया। अस्सी घाट पर यह सुबह एक स्मृति बन गई, जिसे श्रोता लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगे।

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