सभी सनातनी एकजुट होकर करे सनातन धर्म की रक्षा - विद्वत महासंघ
गोरखपुर(दुर्गेश मिश्र) । विद्वत जनकल्याण समिति द्वारा संचालित भारतीय विद्वत् महासंघ की वार्षिक बैठक प्राचीन मानसरोवर शिव मंदिर पर संम्पन्न हुई। अध्यक्षता महासंघ के अध्यक्ष पं रविंद्रनाथ मिश्र तथा संचालन महामंत्री ज्योतिषचार्य पं बृजेश पाण्डेय द्वारा किया गया। बैठक मे पूर्व सूचित बिन्दुओं पर संस्था के आय-व्यय का विवरण,श्रावणी उपाकर्म मनाने पर विचार तथा सामाजिक और धार्मिक कुरितियों पर चर्चा किया गया। संगठन के पांच वर्ष पुरे होने तथा संस्था पंजीकरण का नवीनीकरण, धार्मिक पंचांग का पत्येक वर्ष निर्माण करने आदि मुख्य बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा किया गया।
तत्पश्चात कार्यवाही को आरम्भ करते हुए उपाध्यक्ष पं. राजेश कुमार मिश्र ने कहा कि संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को सक्रिय रहकर काम करना होगा, सिर्फ दिखावा मात्र पदाधिकारी बने रहने और जिम्मेदारी से कार्यक्रम मे सम्मलित ना रहना निष्क्रियता को दर्शाएगा। संरक्षक सदस्य पं.अश्वनी कुमार मिश्र शास्त्री ने कहा कि संस्था के माध्यम से बालकों का उपनयन संस्कार,बालिकाओं का विवाह पंजीयन निःशुल्क करके सहयोग किया जाये,जिसपर सभी सदस्योँ ने सहमति जातायी।
इसी क्रम में बैठक को सम्बोधित करते हुए संगठन महामंत्री पं. बृजेश पाण्डेय ज्योतिषाचार्य ने कहा की संगठन मे मै नहीं हम की भावना से काम होना चाहिए,सभी बड़े छोटे पदाधिकारियों का सम्मान तथा विद्वानों और पदाधिकारियो को एकजुट होकर कार्य करने के उद्देश्य से संगठन का निर्माण हुआ है जिसका सभी सदस्य को कर्त्तव्यनिष्ठा पूर्वक निर्वहन करना चाहिए ।
साथ ही कोषाध्यक्ष पं शेषमणि,सम्पर्क मंत्री पं अश्वनी तिवारी,संयुक्त मंत्री पं रमेश पाण्डेय,ज्योतिष यज्ञ संस्कार समिति अध्यक्ष पं वैद्यनाथ द्विवेदी,पं अरुणेश मिश्र ने अपने-अपने संबोधन में कहा कि देश के सनातनियों पर आघात करना निंदनीय है,सभी सनातनी देशहित मे एक रहे तभी सुरक्षित रहेगें. जाति-पाती मजहब से ऊपर उठकर देश हित में सभी सनातनी कार्य करें सभी सनतनियों को एक रहना चाहिए। देश की अखंडता ही हम सबकी शान है इसे खंडित नही होने देना है। इस अवसर पर पं रविंद्र नाथ मिश्र, पं राजेश मिश्र, पं बृजेश पाण्डेय, पं शेषमणि पाण्डेय, पं अश्विनी कुमार त्रिपाठी, पं वैद्यनाथ द्विवेदी, पं रमेश पाण्डेय, पं अश्वनी कुमार मिश्र, पं राधा कृष्ण पाठक, पं अरुणेश मिश्र, पं ब्रह्मानंद मिश्र, पं नागेन्द्र मिश्र, पं मोहन मिश्र,पं शिवमगन नाथ पाण्डेय,पं उपेंद्र मणि त्रिपाठी,पं शिवाकांत त्रिपाठी, पं अभिषेक मणि त्रिपाठी आदि पदाधिकारी,सदस्य तथा विद्वतजन उपस्थित रहे।

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